India Fertility Rate: भारत में घटती जनसंख्या का संकेत, TFR गिरकर **1.9** पर, पुरानी नीतियों पर उठे सवाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Fertility Rate: भारत में घटती जनसंख्या का संकेत, TFR गिरकर **1.9** पर, पुरानी नीतियों पर उठे सवाल

भारत का टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) घटकर **1.9** पर आ गया है, जो रिप्लेसमेंट लेवल **2.1** से नीचे है। EAC-PM की नई रिपोर्ट के मुताबिक, पुरानी जनसंख्या नियंत्रण नीतियां अब आउटडेटेड हो चुकी हैं और देश को अब बढ़ती उम्र की आबादी के लिए तैयारी करने की जरूरत है।

आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की हालिया रिपोर्ट 'द घोस्ट ऑफ पॉपुलेशन पास्ट' ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) अब 1.9 हो गया है। जब TFR 2.1 के क्रिटिकल लेवल से नीचे चला जाता है, तो यह संकेत देता है कि आने वाली पीढ़ी पुरानी पीढ़ी की तुलना में छोटी होगी, जिससे भविष्य में बुजुर्गों की संख्या बढ़ेगी।

जनसंख्या विस्फोट से 'एजिंग' की ओर बढ़ता भारत

कभी आबादी को नियंत्रित करना प्राथमिकता थी, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। साल 2001 में सालाना जीवित जन्म 2.93 करोड़ के पीक पर थे, जो 2025 तक घटकर 2.3 करोड़ से नीचे आ गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कुल आबादी का बढ़ना अब जन्म दर के कारण नहीं, बल्कि जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) में सुधार के कारण है।

इकोनॉमी पर क्या होगा असर?

इन्वेस्टर्स और पॉलिसीमेकर्स के लिए यह एक बड़ा शिफ्ट है। Moody's की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 16 सालों में भारत को एक 'एज्ड सोसायटी' की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वर्कफोर्स में कमी और बुजुर्गों पर निर्भरता का सीधा असर हेल्थकेयर, इंश्योरेंस, पेंशन और हाउसिंग सेक्टर पर पड़ेगा।

पुरानी नीतियां और रिस्क

विशेषज्ञों का कहना है कि नसबंदी को बढ़ावा देने वाली पुरानी सरकारी नीतियां अब रिस्की हैं। यह भारत को 'लो-फर्टिलिटी ट्रैप' (Low-fertility trap) की ओर धकेल सकता है, जैसा कि पूर्वी एशिया और यूरोप के कई देशों में देखा गया है। आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने पहले ही टू-चाइल्ड पॉलिसी और नसबंदी इन्सेंटिव्स से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। अब सरकार का फोकस जनसंख्या नियंत्रण के बजाय, बेहतर लाइफस्टाइल, वर्कफोर्स प्रोडक्टिविटी और बुजुर्गों के लिए सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर रहने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.