India GDP Forecast: ग्लोबल तनाव की मार! Nomura ने घटाया FY27 का ग्रोथ अनुमान, बाजार में टेंशन

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India GDP Forecast: ग्लोबल तनाव की मार! Nomura ने घटाया FY27 का ग्रोथ अनुमान, बाजार में टेंशन

वेस्ट एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के चलते Nomura ने भारत के फाइनेंशियल ईयर 2027 के GDP ग्रोथ अनुमान को घटाकर **6.8%** कर दिया है। साथ ही, Fitch Ratings और EAC-PM ने डॉलर के मुकाबले रुपये के **92-93** के स्तर पर जाने की चेतावनी दी है।

आर्थिक मोर्चे पर बढ़ती चिंताएं

वेस्ट एशिया में जारी अस्थिरता का असर अब सप्लाई चेन और कमोडिटी की कीमतों पर साफ दिखने लगा है। Nomura की ताजा रिपोर्ट में फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.8% कर दिया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि घरेलू बाजार की मजबूती के बावजूद, ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव विकास की गति को धीमा कर रहा है।

करेंसी मार्केट का हाल

करेंसी मार्केट के लिए भी समय चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। Fitch Ratings और EAC-PM के चेयरमैन का अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 92 से 93 के दायरे में स्थिर हो सकता है। इसकी मुख्य वजह लगातार हो रहा फॉरेन कैपिटल आउटफ्लो (FPI Outflow) और बढ़ता ट्रेड डेफिसिट है।

Nifty पर असर

इस आर्थिक दबाव का असर शेयर बाजार के आंकड़ों पर भी पड़ा है। Nomura ने दिसंबर 2026 के लिए Nifty 50 का टारगेट 29,300 से घटाकर 24,900 कर दिया है। जानकारों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इन तीन चीजों पर बनी रहेगी:

  • ग्लोबल एनर्जी मार्केट: कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता।
  • फॉरेन इन्वेस्टमेंट: विदेशी निवेशकों के पैसे की वापसी की रफ्तार।
  • RBI की पॉलिसी: एक्सटर्नल फैक्टर्स को मैनेज करने के लिए आरबीआई की अगली मॉनेटरी पॉलिसी के फैसले।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.