Education Sector: भारत की आर्थिक रफ्तार पर शिक्षा का ब्रेक, स्किल गैप से बढ़ा बड़ा खतरा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Education Sector: भारत की आर्थिक रफ्तार पर शिक्षा का ब्रेक, स्किल गैप से बढ़ा बड़ा खतरा

देश के एजुकेशन सेक्टर में स्ट्रक्चरल चुनौतियां बढ़ गई हैं। जीडीपी का महज **2.7%** हिस्सा शिक्षा पर खर्च होने और स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी के कारण देश की लंबी अवधि की आर्थिक विकास दर पर संकट के बादल छा रहे हैं।

भारत की शिक्षा व्यवस्था इस वक्त एक बड़े दबाव से गुजर रही है। सरकारी स्तर पर शिक्षा के लिए जीडीपी का 6% खर्च करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 2015 से यह आंकड़ा महज 2.7% से 2.9% के बीच अटका हुआ है। बजट की इस कमी का सीधा असर स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ा है, जिससे कई छोटे संस्थान बंद होने की कगार पर हैं और छात्रों के लिए क्वालिटी एजुकेशन तक पहुंच मुश्किल हो गई है।

लेबर मार्केट और प्रोडक्टिविटी पर असर

UDISE+ के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सेकेंडरी लेवल पर ड्रॉपआउट रेट 11.5% तक पहुंच चुका है, जो हायर एजुकेशन की नींव को कमजोर कर रहा है। चिंता की बात यह है कि डिग्री लेने के बावजूद, सिर्फ 42.6% ग्रेजुएट्स ही ऐसे हैं जो आज के मार्केट के हिसाब से 'एम्प्लॉयबल' यानी नौकरी के काबिल हैं। बिजनेस जगत के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि भारी संख्या में डिग्री होल्डर्स होने के बावजूद स्किल्ड टैलेंट का मिलना मुश्किल होता जा रहा है।

NEET-UG 2026 और सिस्टम की खामियां

हाल ही में NEET-UG 2026 परीक्षा के दौरान हुए विवादों ने प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पेपर लीक और इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली ने दिखा दिया है कि सिस्टम में सुधार की कितनी ज्यादा जरूरत है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ये केवल सामाजिक मुद्दे नहीं हैं, बल्कि सीधे तौर पर भारत की मैक्रो-इकोनॉमिक परफॉर्मेंस से जुड़े हैं।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार सिर्फ पॉलिसी के नाम पर कागजी खानापूर्ति करती है या वास्तव में एजुकेशन और मार्केट की जरूरतों के बीच की खाई को पाटने के लिए ठोस स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स लेकर आती है। देश का डेमोग्राफिक डिविडेंड तभी काम आएगा जब शिक्षा का स्तर और स्किलिंग का तरीका पूरी तरह से बदला जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.