Indian Economy: स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स से मिली मजबूती, शक्तिकांत दास ने बताया 'Viksit Bharat' का रोडमैप

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Economy: स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स से मिली मजबूती, शक्तिकांत दास ने बताया 'Viksit Bharat' का रोडमैप

5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती पिछले एक दशक में किए गए बड़े सुधारों का नतीजा है। उन्होंने **7.8%** की जीडीपी ग्रोथ के साथ 2047 के लिए पांच मुख्य स्तंभों पर जोर दिया है।

नई दिल्ली में आयोजित 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में शक्तिकांत दास ने स्पष्ट किया कि भारत की आज की आर्थिक स्थिति महज संयोग नहीं, बल्कि पिछले 10 वर्षों में बैंकिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फिस्कल पॉलिसी में किए गए बड़े बदलावों का परिणाम है।

इकोनॉमी के आंकड़े

आर्थिक स्थिरता के आंकड़े गवाह हैं कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही में रियल जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही है। बैंकिंग सेक्टर में भी जबरदस्त सुधार हुआ है और ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) जून 2026 तक घटकर 1.68% रह गए हैं, जो बिजनेस और कंज्यूमर्स के लिए क्रेडिट माहौल को और बेहतर बनाता है।

'Viksit Bharat 2047' का रोडमैप

सरकार ने आने वाले समय के लिए 5 प्रमुख स्तंभ तय किए हैं, जो भविष्य की ग्रोथ तय करेंगे:

  • AI रेवोल्यूशन: नई टेक्नोलॉजी को अपनाना।
  • फाइनेंशियल डेप्थ: बेहतर बॉन्ड और पेंशन मार्केट का विस्तार।
  • सेल्फ-रिलायंस: रणनीतिक आत्मनिर्भरता पर जोर।
  • क्लाइमेट लीडरशिप: सस्टेनेबल ग्रोथ को प्राथमिकता।
  • ह्यूमन कैपिटल: शिक्षा और कौशल विकास में भारी निवेश।

ग्लोबल रिस्क पर चिंता

शक्तिकांत दास ने आगाह किया कि ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों पर जीडीपी का औसतन 110% सार्वजनिक कर्ज (Public Debt) एक बड़ी चिंता है, जो ग्लोबल बॉन्ड यील्ड्स पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, डेटा गवर्नेंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे मोर्चों पर कंपनियों को काफी काम करने की जरूरत है। निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन सुधारों को कितनी निरंतरता के साथ लागू रखती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.