India Fiscal Deficit: केंद्र सरकार का लक्ष्य सुरक्षित, क्या राज्यों के बजट पर मंडरा रहा खतरा?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Fiscal Deficit: केंद्र सरकार का लक्ष्य सुरक्षित, क्या राज्यों के बजट पर मंडरा रहा खतरा?

अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच केंद्र सरकार ने अपने सालाना फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटा) लक्ष्य का **26.8%** हासिल कर लिया है। टैक्स रेवेन्यू में **11%** की उछाल के बावजूद राज्यों के मोर्चे पर चिंता बढ़ रही है, जहां डेफिसिट **3.3%** तक पहुंचने का अनुमान है।

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू फाइनेंशियल ईयर में केंद्र सरकार की आर्थिक स्थिति नियंत्रण में दिख रही है। अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान फिस्कल डेफिसिट का 26.8% बजट अनुमान पूरा हो चुका है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार 4.3% के लक्ष्य को हासिल करने की राह पर है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर और टैक्स की ताकत

राजकोषीय मजबूती के पीछे सबसे बड़ा हाथ टैक्स रेवेन्यू में आई 11% की बढ़त का है, जो कि बजट के 9% अनुमान से काफी ज्यादा है। सरकार ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास के लिए खजाना खोला है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले कैपिटल एक्सपेंडिचर में 30% का बड़ा उछाल आया है। यह पैसा मुख्य रूप से डिफेंस, रेलवे और सड़कों के निर्माण में लगाया जा रहा है ताकि लंबी अवधि की ग्रोथ बनी रहे।

राज्यों के लिए चुनौतियां

केंद्र के उलट, राज्य सरकारों के बजट पर दबाव दिख रहा है। अनुमान है कि राज्यों का फिस्कल डेफिसिट उनके 3.1% के लक्ष्य को पार कर 3.3% तक पहुंच सकता है। इसकी मुख्य वजह GST कलेक्शन की रफ्तार धीमी पड़ना और राज्य स्तर की विकास परियोजनाओं के लिए बढ़ता खर्च है।

रिस्क फैक्टर: क्रूड ऑयल और जीडीपी

हालांकि केंद्र की स्थिति बेहतर है, लेकिन कुछ बाहरी जोखिम अभी भी बने हुए हैं। अगर ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें $90 प्रति बैरल के पार जाती हैं, तो सरकार के फिस्कल बफर पर सीधा असर पड़ सकता है। साथ ही, अगर नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10% के बजट अनुमान से कम रहती है, तो टैक्स कलेक्शन के लक्ष्य को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल सरकार के पास रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से मिलने वाले डिविडेंड जैसे विकल्प मौजूद हैं, जो किसी भी आकस्मिक झटके को झेलने में मदद कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.