दो दिनों की बिकवाली के बाद बुधवार को भारतीय बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिली है। Sensex और Nifty में सुधार के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में घरेलू खरीदारों का उत्साह दिख रहा है, हालांकि विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता पैदा कर रही हैं।
बाजार का हाल
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बाजार ने स्थिरता के संकेत दिए हैं। Sensex 184.53 अंक बढ़कर 72,713.60 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 में 17.85 अंकों की बढ़त देखी गई और यह 22,734.05 पर ट्रेड कर रहा है। लार्ज कैप के अलावा, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 1% की तेजी रही, जो दिखाता है कि हालिया गिरावट के बाद घरेलू निवेशक निचले स्तरों पर खरीदारी कर रहे हैं।
सेक्टर का हालचाल
बाजार में निवेशकों का रुझान टेक्नोलॉजी, बैंकिंग और टेलीकॉम शेयरों की तरफ ज्यादा है। Nifty IT इंडेक्स 1.56% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, वहीं कुछ PSU बैंक और टेलीकॉम शेयरों में 2% से ज्यादा का उछाल आया। हालांकि, इसके उलट फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर पर दबाव दिखा, जहाँ Nifty Healthcare इंडेक्स 1.04% फिसल गया।
FII और ग्लोबल चिंताएं
बाजार में रिकवरी के बावजूद चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹9,980 करोड़ के शेयर बेचे, जो पिछले 4 महीनों की सबसे बड़ी एक दिवसीय बिकवाली है। सितंबर में अब तक कुल $2.7 बिलियन की बिकवाली हो चुकी है। Geojit Investments के विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.2% के करीब रहना निवेशकों को भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट से दूर खींच रहा है।
इसके अलावा, क्रूड ऑयल की कीमतें भी सिरदर्द बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड $103.43 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। ईरान पर प्रतिबंधों के चलते कीमतों में आई यह उछाल भारतीय कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकती है। अब सबकी नजरें विदेशी निवेशकों के रुख और तेल की कीमतों पर टिकी हैं, जो आगे चलकर बाजार की दिशा तय करेंगे।
