क्या हुआ आज?
9 जून को भारतीय शेयर बाज़ारों ने शानदार वापसी की और लगातार दो दिनों की गिरावट पर ब्रेक लगाया। बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 394.50 अंक चढ़कर 73,918.76 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 50 (Nifty 50) 119.10 अंक की बढ़त के साथ 23,242.10 पर रहा। बाज़ार में आई इस तेज़ी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव का कम होना मुख्य कारण रहे, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। ब्रॉडर मार्केट ने मुख्य सूचकांकों से भी बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) शेयरों ने सबसे ज़्यादा तेज़ी दिखाई।
सेक्टर का हाल और प्रदर्शन
पीएसयू बैंक (PSU Bank) सेक्टर आज का स्टार परफॉर्मर रहा, जो 3.6% तक उछला। इससे पब्लिक सेक्टर के बैंकों के प्रदर्शन में बढ़ते विश्वास का संकेत मिलता है। अन्य बैंकिंग शेयरों ने भी सकारात्मक योगदान दिया, निफ्टी बैंक इंडेक्स (Nifty Bank index) 2% से अधिक बढ़ा। वहीं, आईटी (IT) और मीडिया (Media) सेक्टर में थोड़ी नरमी देखी गई, जो इन क्षेत्रों से निवेशकों के पैसे अन्यत्र जाने का संकेत देता है।
खास शेयरों में हलचल
कुछ कंपनियों ने अपने बिज़नेस अपडेट के कारण शेयर बाज़ार में खास हलचल मचाई। रेल विकास निगम (RVNL) को ₹221.33 करोड़ का एक नया इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद इसके शेयर 3% चढ़ गए। पनेशिया बायोटेक (Panacea Biotec) डेंगू वैक्सीन को अपनाने के लिए DENSTAR प्रोजेक्ट लॉन्च करने के बाद लगभग 11% उछल गया, जो इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में ग्रोथ की उम्मीद जगाता है। जेएनके इंडिया (JNK India) ने ₹100 करोड़ से ₹300 करोड़ के बीच के एक नए ऑर्डर पर कब्जा करने के बाद 18% की भारी तेज़ी दर्ज की। फिनो पेमेंट्स बैंक (Fino Payments Bank) ने मई में अपने औसत कुल जमा में 10% की वृद्धि की रिपोर्ट के बाद 8.6% की बढ़त दर्ज की। वहीं, ब्लूस्टोन ज्वैलरी (BlueStone Jewellery) के शेयर एक ब्लॉक डील के बाद 1.7% गिरे।
बाज़ार की बड़ी तस्वीर
हालांकि आज बाज़ार हरे निशान में बंद हुआ, लेकिन समग्र माहौल अभी भी सतर्क बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि रिकवरी के बावजूद, बाज़ार का सेंटीमेंट अभी भी नाज़ुक है। इस सावधानी का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयरों की लगातार बिकवाली और बॉन्ड यील्ड (bond yields) में बढ़ोतरी है। ये कारक बाज़ार में लिक्विडिटी (liquidity) और वैल्यूएशन (valuation) पर दबाव डाल सकते हैं।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशक अब आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नज़रें टिकाए हुए हैं, जो फेडरल रिज़र्व (Federal Reserve) की भविष्य की ब्याज दर नीति के बारे में संकेत देंगे। वैश्विक नीतियों में कोई भी बड़ा बदलाव फंड फ्लो (fund flow) के रुझानों के कारण भारतीय बाज़ारों को सीधे प्रभावित कर सकता है। अल्पावधि में, बाज़ार प्रतिभागी निफ्टी पर 23,350 से 23,400 के स्तर पर भी कड़ी नज़र रख रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस (resistance) लेवल है। यदि सूचकांक इन स्तरों को पार करने में संघर्ष करते हैं, तो यह और अधिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। व्यापक ट्रेंड लगातार खरीददारी की रुचि पर निर्भर करेगा और क्या बाज़ार मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में देखी गई गति को बनाए रख सकता है।
