Indian Rupee: RBI की सख्ती के बावजूद लुढ़का रुपया, डॉलर के मुकाबले **96.78** पर बंद

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Rupee: RBI की सख्ती के बावजूद लुढ़का रुपया, डॉलर के मुकाबले **96.78** पर बंद

Reserve Bank of India (RBI) ने रेपो रेट को **5.5%** तक बढ़ा दिया है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय रुपया दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया **96.78** के स्तर पर बंद हुआ है, जिसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़त है।

बाजार पर ग्लोबल दबाव का असर

आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने से करेंसी को मजबूती मिलती है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग रहा। 7 अक्टूबर, 2026 को RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की, जिससे यह 5.5% हो गया। हालांकि, ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें और बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने रुपए की रफ्तार को रोक दिया है। इससे इंपोर्टर्स की तरफ से डॉलर की मांग काफी बढ़ गई है, जिसने रेट हाइक के फायदे को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

इंपोर्ट पर निर्भर रहने वाली कंपनियों के लिए कच्चे माल की लागत बढ़ सकती है, जो उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। वहीं, एक्सपोर्ट सेक्टर को कमजोर रुपए का फायदा मिल सकता है, लेकिन ग्लोबल आर्थिक सुस्ती का रिस्क अभी भी बना हुआ है।

आगे की राह

RBI ने फिलहाल 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' का रुख अपनाया है ताकि महंगाई पर लगाम कसी जा सके और विकास दर भी प्रभावित न हो। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि जियोपॉलिटिकल तनाव और तेल की कीमतों में उछाल करेंसी पर और कितना दबाव बनाता है। निवेशकों को केंद्रीय बैंक के अगले बयानों और ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स की दिशा पर करीबी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.