Indian Rupee: डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़का, 96 के स्तर पर बना भारी दबाव

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Rupee: डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़का, 96 के स्तर पर बना भारी दबाव

US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी के बाद भारतीय रुपया दबाव में है और अब **96** प्रति डॉलर के स्तर को टेस्ट कर रहा है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की निकासी के बीच अब सबकी नजरें RBI के हस्तक्षेप पर टिकी हैं।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर दिख रहा है। फेड द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी ने डॉलर को मजबूती दी है, जिससे ग्लोबल मार्केट में हलचल बढ़ गई है।

अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ेगा असर?

रुपये में आई इस कमजोरी का सीधा असर देश के इंपोर्ट बिल पर पड़ेगा। चूंकि भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा बाहर से खरीदता है, इसलिए रुपये के टूटने से क्रूड ऑयल जैसे कमोडिटीज महंगे हो जाएंगे, जो देश में महंगाई (Inflation) को और हवा दे सकते हैं।

विदेशी निवेश और RBI का रुख

फेड के आक्रामक रुख के चलते निवेशक अब इमर्जिंग मार्केट्स से पैसा निकालकर डॉलर-डिनॉमिनेटेड एसेट्स की ओर भाग रहे हैं। इससे भारतीय इक्विटी और बॉन्ड्स से विदेशी फंड्स बाहर जा रहे हैं। हालांकि, मार्केट की नजरें अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आगामी IPO से आने वाली संभावित लिक्विडिटी पर हैं, जो रुपये को थोड़ा सहारा दे सकती है।

उधर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मार्केट एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि यदि गिरावट और तेज होती है, तो RBI अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व का इस्तेमाल कर मार्केट में हस्तक्षेप कर सकता है ताकि रुपये को 96 के स्तर के आसपास संभाला जा सके। फिलहाल, निवेशकों को ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों और केंद्रीय बैंक के अगले कदमों पर नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.