भारतीय रुपया हुआ मजबूत, डॉलर के मुकाबले 95.34 पर पहुंचा

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
भारतीय रुपया हुआ मजबूत, डॉलर के मुकाबले 95.34 पर पहुंचा

मंगलवार को भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे की मजबूती आई और यह 95.34 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेश और डॉलर की कमजोरी ने इसे सहारा दिया। हालांकि, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से कुछ राहत मिली है, लेकिन आयातकों की ओर से डॉलर की लगातार मांग से बड़ी बढ़त सीमित हो रही है। निवेशक अब आगे की दिशा के लिए आगामी RBI मौद्रिक नीति बैठक और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

रुपये की चाल

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपये में मामूली बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे मजबूत होकर 95.34 के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक मुद्रा बाजारों में यह एक व्यापक चलन को दर्शाता है, जहां अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100 अंक के नीचे गिरने के बाद दबाव में है। भारतीय बाजारों के लिए, यह स्थिरता वैश्विक जोखिम भावना और घरेलू आर्थिक कारकों में बदलाव का प्रतिबिंब मानी जा रही है।

करेंसी मूवमेंट को प्रभावित करने वाले कारक

रुपये का प्रदर्शन वर्तमान में सहायक कारकों और लगातार मांग के बीच संतुलित है। सकारात्मक पक्ष पर, भारतीय इक्विटी में लगातार विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) ने इसे बढ़ावा दिया है। इसके अतिरिक्त, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें, जो लगभग USD 84.73 प्रति बैरल पर कारोबार कर रही हैं, जुलाई की ऊंचाई से काफी नीचे बनी हुई हैं। चूंकि भारत कच्चे तेल का एक प्रमुख आयातक है, इसलिए कम कीमतों से आमतौर पर डॉलर की मांग कम हो जाती है, जो रुपये के लिए मददगार है।

इसके विपरीत, घरेलू आयातकों से अमेरिकी मुद्रा की लगातार मांग के कारण यह बढ़त सीमित बनी हुई है। बाजार पर्यवेक्षकों का सुझाव है कि निकट अवधि में रुपया 95 और 95.50 के बीच कारोबार की सीमा बनाए रख सकता है। ऐसी खबरें हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अस्थिरता को प्रबंधित करने और तेज उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में सक्रिय रहा है, जिसका उद्देश्य मुद्रा को स्थिर रखना है।

बाजार का दृष्टिकोण और आगामी ट्रिगर्स

निवेशक अब दो प्रमुख घटनाओं पर नजर गड़ाए हुए हैं जो मुद्रा की अगली चाल को तय करेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आयोजित करने वाला है, जहां ब्याज दरों और लिक्विडिटी प्रबंधन पर निर्णय अंतिम रूप दिए जाएंगे। इसके अलावा, बाजार संयुक्त राज्य अमेरिका से नए आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहा है, जो ब्याज दरों के संबंध में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के भविष्य के रुख को स्पष्ट कर सकते हैं।

घरेलू इक्विटी की बात करें तो बाजार की गतिविधि मिश्रित रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 97 अंकों का मामूली उछाल देखा गया, वहीं निफ्टी सूचकांक 173.95 अंक गिरकर 24,600.35 पर आ गया। एक्सचेंज से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयरों के शुद्ध खरीदार बने रहे, उन्होंने ₹922.26 करोड़ के शेयर खरीदे। बाजार के लिए अगली महत्वपूर्ण अपडेट RBI की नीतिगत बैठक का परिणाम होगी, जो आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति और मुद्रा स्थिरता के प्रबंधन के लिए केंद्रीय बैंक की रणनीति में अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.