मंगलवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले **12 पैसे** की बढ़त के साथ **94.72** के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों के सकारात्मक रुख से रुपये को सहारा मिला है।
भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ 94.72 के स्तर पर पहुंच गया। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया पिछले बंद भाव 94.84 के मुकाबले 94.68 पर खुला और बाद में और संभल गया।
राहत की वजह क्या है?
घरेलू करेंसी को सबसे बड़ा सहारा ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से मिला है। ब्रेंट क्रूड ऑयल $104.76 प्रति बैरल के आसपास है, जिससे भारत के लिए इंपोर्ट बिल का दबाव कुछ कम हुआ है। चूँकि भारत तेल का बड़ा आयातक (Importer) है, इसलिए तेल के दाम गिरने से डॉलर की मांग कम हो जाती है, जो रुपये के लिए फायदेमंद है।
शेयर बाजार का दम
रुपये की मजबूती के पीछे घरेलू इक्विटी मार्केट की तेजी भी एक बड़ा कारण है। मंगलवार को BSE Sensex में 551.77 अंक की जबरदस्त उछाल देखी गई और यह 76,244.55 पर पहुंच गया। वहीं, NSE Nifty भी 129.60 अंक चढ़कर 23,570.40 के पार निकल गया। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹3,114.68 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार के सेंटीमेंट को मजबूती मिली।
आगे की चुनौतियां
इन सकारात्मक संकेतों के बावजूद, रुपये में बड़ी तेजी पर लगाम लगी हुई है। डॉलर इंडेक्स 101.65 पर मजबूती के साथ स्थिर है। अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनावों को लेकर ग्लोबल इन्वेस्टर्स में अभी भी सतर्कता का माहौल है, जो रुपये के ऊपर जाने की गति को धीमा कर रहा है। आने वाले समय में रुपये की चाल कच्चे तेल के दाम और विदेशी निवेशकों के निवेश के रुख पर पूरी तरह निर्भर करेगी।
