क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय रुपये पर साफ दिख रहा है। 9 सितंबर 2026 को रुपया डॉलर के मुकाबले **94.87** के स्तर पर खुला, जिससे बाजार में चिंता बढ़ गई है।
भारतीय रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले 94.87 के स्तर पर खुला। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर घरेलू करेंसी पर पड़ रहा है।
तेल का खेल और निवेशकों पर असर
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश का इंपोर्ट बिल सीधे तौर पर बढ़ जाता है। डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया कमजोर हो रहा है। इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ रहा है जो तेल पर निर्भर हैं, जैसे लॉजिस्टिक्स, पेंट, केमिकल और एविएशन सेक्टर। बढ़ती लागत से इन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
मार्केट का मूड और RBI की भूमिका
रुपये की कमजोरी का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा है, जहां Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में खुले हैं। ट्रेडर्स 95.00 के स्तर को एक मनोवैज्ञानिक सपोर्ट मान रहे हैं। बाजार को उम्मीद है कि अगर गिरावट तेज होती है, तो Reserve Bank of India (RBI) हस्तक्षेप कर सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें मिडिल ईस्ट की जियोपॉलिटिकल स्थिति और RBI के अगले कदम पर टिकी हैं।
