Indian Rupee: कच्चे तेल की आग और RBI का पहरा, 84.51 पर सुस्त शुरुआत

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Rupee: कच्चे तेल की आग और RBI का पहरा, 84.51 पर सुस्त शुरुआत

8 सितंबर, 2026 को भारतीय रुपया **84.51** के स्तर पर स्थिर खुला है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के चलते दबाव जरूर है, लेकिन RBI का **$740.8 बिलियन** का विदेशी मुद्रा भंडार इसे मजबूती दे रहा है।

भारतीय रुपया आज 84.51 के स्तर पर खुला, जो पिछले सत्र में 84.49 पर बंद हुआ था। हालांकि डॉलर इंडेक्स 98.74 तक कमजोर हुआ है, लेकिन रुपये की चाल फिलहाल दो मोर्चों के बीच फंसी हुई है।

क्रूड ऑयल का दबाव

रुपये की बढ़त में सबसे बड़ी बाधा कच्चे तेल की कीमतें हैं। Brent Crude फिलहाल $97 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल आयात महंगा हो गया है। भारत की तेल कंपनियों को डॉलर की भारी जरूरत पड़ रही है, जिससे रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।

RBI की रणनीति और भविष्य की राह

इस अस्थिरता को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार सक्रिय है। अगस्त के अंत तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार $740.8 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। RBI बाजार में डॉलर बेचकर उतार-चढ़ाव को नियंत्रित कर रहा है।

जानकारों का मानना है कि रुपया फिलहाल 84.00 से 84.75 के दायरे में रहने वाला है। निवेशकों की नजर अब 16 सितंबर, 2026 को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक पर है, जिससे ब्याज दरों और विदेशी निवेश की दिशा तय होगी। तब तक इंपोर्ट-हैवी इंडस्ट्रीज के लिए करेंसी हेजिंग (Currency Hedging) एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.