गुरुवार को शुरुआती कारोबार में Indian Rupee में कमजोरी देखने को मिली है। कॉर्पोरेट हेजिंग और मंथली डेरिवेटिव एक्सपायरी के दबाव में रुपया **95.44** के स्तर पर आ गया है।
गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को भारतीय रुपया 95.44 के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद भाव 95.41 के मुकाबले मामूली गिरावट है। बाजार में इस समय मंथली एक्सपायरी के चलते भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर करंसी मार्केट पर पड़ रहा है।
एक्सपायरी का दबाव
आज BSE और NSE पर प्रमुख डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी है। इस वजह से ट्रेडर्स अपने सौदों को सेटल कर रहे हैं, जिससे रुपये पर तकनीकी दबाव बढ़ गया है। साथ ही, कॉर्पोरेट्स द्वारा डॉलर की खरीदारी और हेजिंग डिमांड भी रुपये को नीचे खींच रही है।
RBI और क्रूड का सहारा
बाजार में जारी इस अस्थिरता के बीच Reserve Bank of India (RBI) लगातार सक्रिय है। सेंट्रल बैंक रुपये को 95.60 से 95.80 के दायरे में जाने से रोकने के लिए हस्तक्षेप कर रहा है। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें भी राहत दे रही हैं। ब्रेंट क्रूड $87 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जिससे इंपोर्ट बिल कम होने की उम्मीद है और रुपये को सपोर्ट मिल रहा है।
विदेशी निवेश और लिक्विडिटी
इक्विटी मार्केट की बात करें तो, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) और डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) का लगातार पैसा बाजार में आ रहा है। यह पूंजी प्रवाह डॉलर की मांग के दबाव को काफी हद तक कम कर रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की नजर इस बात पर होगी कि एक्सपायरी खत्म होने के बाद रुपया अपनी चाल को किस तरह सेटल करता है।
