Indian Rupee: क्रूड ऑयल के दबाव के बीच रुपया स्थिर, RBI की पैनी नजर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Rupee: क्रूड ऑयल के दबाव के बीच रुपया स्थिर, RBI की पैनी नजर

शुक्रवार को Indian Rupee डॉलर के मुकाबले **95.51** के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के हस्तक्षेप और क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों के बीच करेंसी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रही है।

शुक्रवार को भारतीय रुपया 95.51 के स्तर पर खुला, जो कि पिछले क्लोज 95.54 से लगभग मामूली बदलाव दर्शाता है। करेंसी फिलहाल 95.00 से 96.00 के दायरे में ट्रेड कर रही है, क्योंकि मार्केट एक्सपर्ट्स कई आर्थिक कारकों को तौल रहे हैं।

एनर्जी कीमतों का असर

रुपये की मजबूती के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें हैं, जो शुक्रवार को $88.50 प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें डॉलर की मांग को बढ़ाती हैं। इससे रुपये पर लगातार दबाव बना रहता है, क्योंकि कंपनियों को आयात के लिए डॉलर खरीदने पड़ते हैं।

RBI की भूमिका

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में स्टेबलाइजर की भूमिका निभा रहा है। जब आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो सेंट्रल बैंक अपने रिजर्व से डॉलर बेचकर बाजार को सहारा देता है। इसी बचाव कार्य के कारण रुपया बड़े उतार-चढ़ाव से बचा हुआ है।

बाजार की अन्य हलचल

घरेलू बाजार में 10-year Indian government bond yield फिलहाल 6.89% पर स्थिर है, जो दर्शाता है कि बॉन्ड मार्केट में फिलहाल कोई पैनिक नहीं है। हालांकि, निवेशक US Federal Reserve के फैसलों पर भी नजर रखे हुए हैं, क्योंकि अमेरिका की नीति में कोई भी बदलाव वैश्विक पूंजी प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।

निवेशकों के लिए संकेत

निवेशकों को क्रूड ऑयल की कीमतों पर बारीक नजर रखने की जरूरत है। साथ ही, RBI का हस्तक्षेप और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख से ही यह तय होगा कि रुपये में आगे क्या चाल देखने को मिलेगी। अभी के लिए मार्केट रुपये के 95.00 से 96.00 के दायरे में रहने की ही उम्मीद कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.