हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले **33 पैसे** उछलकर **94.93** के स्तर पर पहुंच गया है। कमजोर डॉलर और शेयर बाजार में रही तेजी का फायदा करेंसी को मिला है, हालांकि क्रूड ऑयल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर सबकी नजरें बनी हुई हैं।
शुक्रवार के सत्र में भारतीय रुपया मजबूती के साथ बंद हुआ। दिन की शुरुआत 95.21 पर होने के बाद, रुपया एक सीमित दायरे में कारोबार करते हुए 94.93 पर पहुंच गया, जो दिन का उच्चतम स्तर भी रहा।
बाजार के मुख्य ट्रिगर
रुपये में आई इस रिकवरी के पीछे डॉलर इंडेक्स में 0.37% की गिरावट मुख्य वजह रही, जो फिसलकर 101.66 पर आ गया। वहीं, घरेलू शेयर बाजार में भी जोश दिखा; BSE Sensex 308.49 अंक बढ़कर 74,459.53 पर और Nifty50 116.35 अंक की बढ़त के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ। हालांकि, चिंता की बात यह है कि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने पिछले सत्र में ₹943.60 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जो बाजार में सावधानी का संकेत है।
क्रूड और RBI का रुख
भारत के लिए क्रूड ऑयल की कीमतों में राहत की खबर है। ब्रेंट क्रूड 1.03% घटकर $114.13 प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे रुपये को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते सप्लाई चेन पर अनिश्चितता बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में USD-INR का भाव 94.80 से 95.35 के बीच रह सकता है।
अब बाजार की निगाहें Reserve Bank of India (RBI) पर हैं। IMF ने सुझाव दिया है कि अधिक फ्लेक्सिबल एक्सचेंज रेट अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर हो सकते हैं, लेकिन बाजार का मानना है कि रुपये की अत्यधिक गिरावट रोकने के लिए RBI बाजार में हस्तक्षेप जारी रखेगा।
