भारतीय शेयर बाजार ने आखिरकार लंबी सुस्ती के बाद करवट ली है। 5 अक्टूबर 2026 को Sensex **400** अंक चढ़कर और Nifty **22,500** के स्तर को पार कर बंद हुआ है, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए 5 अक्टूबर 2026 का दिन बेहद अहम रहा। Sensex 400 अंक ऊपर 72,400 के करीब पहुंच गया, जबकि Nifty 50 ने 22,500 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया। पिछले 25 सालों में यह पहला मौका है जब बाजार लगातार 8 हफ्ते की गिरावट के बाद संभला है।
तेजी की मुख्य वजहें (Drivers of Recovery)
बाजार में आई इस रिकवरी के पीछे ग्लोबल संकेत सबसे बड़े ट्रिगर रहे। अमेरिका में सितंबर महीने के जॉब डेटा उम्मीद से काफी कमजोर रहे और वहां सिर्फ 29,000 नए जॉब्स जुड़े। आर्थिक भाषा में इसे 'सॉफ्ट डेटा' माना जा रहा है, जिससे यह उम्मीद जगी है कि US Federal Reserve अब ब्याज दरों में और सख्ती नहीं करेगा। इसके अलावा, क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट (WTI $90 प्रति बैरल) भी भारतीय बाजार के लिए बूस्टर साबित हुई, क्योंकि इससे देश के इंपोर्ट बिल और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव कम होता है।
अभी भी हैं चुनौतियां
तेजी के बावजूद मार्केट एक्सपर्ट्स फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। हाल के हफ्तों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई है। साथ ही, पाइपलाइन में मौजूद कई बड़े IPOs बाजार से लिक्विडिटी सोख सकते हैं, जिससे अस्थिरता बनी रहने की आशंका है।
अब आगे क्या करें निवेशक?
अगले कुछ दिनों में निवेशकों की नजरें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग पर होंगी। साथ ही, सितंबर तिमाही के नतीजों (Earnings Season) की शुरुआत हो रही है। 8 अक्टूबर 2026 को आने वाले Tata Consultancy Services (TCS) के नतीजे यह तय करेंगे कि बाजार की यह तेजी टिकाऊ है या नहीं।
