Indian Markets: 4 दिनों की गिरावट पर लगा ब्रेक, Sensex **76,515** के स्तर पर बंद

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Markets: 4 दिनों की गिरावट पर लगा ब्रेक, Sensex **76,515** के स्तर पर बंद

हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में मामूली राहत देखी गई। BSE Sensex **362** अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन इसके बावजूद मार्केट ने लगातार चौथे हफ्ते गिरावट दर्ज की है। ग्लोबल दबाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद राहत की सांस ली। BSE Sensex 362.57 अंकों की तेजी के साथ 76,515.43 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 24.25 अंक चढ़कर 23,897.70 पर पहुंच गया। हालांकि, यह उछाल निवेशकों के लिए केवल एक अस्थायी राहत साबित हुआ है, क्योंकि पूरे हफ्ते का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है।

हफ्ते का हाल: क्या अभी भी है खतरा?

शुक्रवार की रिकवरी के बावजूद, दोनों प्रमुख इंडेक्स ने लगातार चौथे हफ्ते नुकसान दर्ज किया है। पिछले कई महीनों में यह बिकवाली का सबसे लंबा सिलसिला है। यह साफ संकेत है कि एक दिन की तेजी के बावजूद बाजार पर दबाव अभी भी काफी ज्यादा है।

क्यों दबाव में है मार्केट?

बाजार की कमजोरी के पीछे कई बड़े कारण हैं:

  • जियोपॉलिटिकल तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें $95 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। यह भारत के इंपोर्ट बिल और रुपये पर सीधा दबाव डालता है।
  • US Treasury Yields: अमेरिका में बढ़ती यील्ड के चलते भारत जैसे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी का निकलना जारी है।
  • FIIs की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) उन्हें सपोर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी खरीदारी विदेशी आउटफ्लो को पूरी तरह बैलेंस नहीं कर पा रही है।

लिक्विडिटी का खेल

मार्केट में कैश की कमी की एक बड़ी वजह आगामी 'मेगा NSE IPO' भी है। बड़े निवेशक इस आईपीओ के लिए फंड जुटा रहे हैं, जिससे सेकेंडरी मार्केट से लिक्विडिटी खिंच रही है। यही कारण है कि ट्रेडर्स अब 'Buy on Dips' के बजाय 'Sell on Rise' की रणनीति अपना रहे हैं।

आने वाले हफ्ते में सबकी नजरें क्रूड ऑयल की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर टिकी रहेंगी। ग्लोबल सेंटीमेंट सुधरे बिना बाजार में टिकाऊ तेजी आना फिलहाल मुश्किल दिख रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.