RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के ऐलान से पहले भारतीय शेयर बाजार में घबराहट साफ दिख रही है। निवेशकों को डर है कि रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके चलते बाजार लाल निशान में खुला है।
ब्याज दरों का क्या होगा असर?
बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या आरबीआई रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा करता है। अगर ऐसा होता है, तो फरवरी 2023 के बाद यह पहली बढ़ोतरी होगी। ब्याज दरें बढ़ने से कंपनियों और आम लोगों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा। ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और NBFC सेक्टर पर इसका सीधा असर पड़ सकता है, जिससे कंज्यूमर डिमांड और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान पर निवेशकों की नजर टिकी है। बाजार यह समझना चाहता है कि महंगाई को कंट्रोल करने और ग्रोथ को बनाए रखने के बीच आरबीआई का क्या रुख रहता है। क्या सेंट्रल बैंक 'हॉकिश' (Hawkish) संकेत देगा या नरमी बरतेगा, यह देखना अहम होगा।
ग्लोबल दबाव और रुपया
घरेलू बाजार पर केवल आरबीआई का ही नहीं, बल्कि ग्लोबल फैक्टर्स का भी दबाव है। क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं, जिससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ रहा है और महंगाई की चुनौती और गहरी हो गई है।
इसके अलावा, रुपया दो महीने के निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। करेंसी में कमजोरी के कारण विदेशी निवेशक (FPIs) लगातार शेयर बेच रहे हैं। बाजार में डर का माहौल है, जिसे वोलेटिलिटी इंडेक्स में उछाल से साफ समझा जा सकता है। अब सभी की निगाहें सुबह 10:00 बजे होने वाले पॉलिसी ऐलान पर हैं, जो बाजार की अगली दिशा तय करेगा।
