ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव के बीच Brent Crude की कीमतें $105 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। इसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है और Sensex-Nifty में लगातार 8वें हफ्ते गिरावट देखी जा रही है।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स पर सोमवार को फिर से दबाव देखने को मिला है। Nifty 50 अब 23,000 के अहम सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है। पिछले 8 हफ्तों में इंडेक्स में करीब 7% की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके पीछे बढ़ती एनर्जी कॉस्ट और ग्लोबल इंटरेस्ट रेट का बड़ा हाथ है।
कच्चा तेल बना परेशानी का सबब
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है, इसलिए तेल की कीमतों में उछाल सीधे इकोनॉमी पर चोट कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भू-राजनीतिक तनाव के चलते Brent Crude का भाव $105 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिसका असर कंपनियों के मार्जिन पर पड़ना तय है।
FII की बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड
ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी 10-year Treasury yield का 5.2% पर बने रहना निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। सुरक्षित निवेश के तौर पर विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। पिछले सेशन में FII ने नेट ₹3,694 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि DII ने ₹2,838 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।
टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?
Nifty 50 के लिए 23,000 का लेवल काफी नाजुक है। अगर यह सपोर्ट नहीं टिका, तो बाजार 22,580 से 22,600 के लेवल तक जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 23,300 और 23,500 पर बड़ा रेजिस्टेंस दिख रहा है। उधर, Bank Nifty भी 55,000 के ऊपर टिकने के लिए जूझ रहा है।
आने वाले दिनों में घरेलू मोर्चे पर सितंबर ऑटो सेल्स और GST कलेक्शन के आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। साथ ही, अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट्स पर भी नजरें रहेंगी, क्योंकि इसका असर फेडरल रिजर्व की नीतियों पर पड़ता है।
