ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी देखने को मिल सकती है। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय शेयर बाजारों के लिए आज का दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। गुरुवार, 10 सितंबर, 2026 को बाजार में सुस्ती के आसार हैं। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि पिछले सत्र में जारी गिरावट का सिलसिला आज भी जारी रह सकता है।
क्रूड ऑयल का असर
मार्केट में अस्थिरता की सबसे बड़ी वजह एनर्जी मार्केट है। Brent crude के दाम $101 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गए हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास सप्लाई में बाधा की खबरों ने आग में घी का काम किया है। भारत के लिए, जो क्रूड का एक बड़ा आयातक है, यह महंगाई बढ़ने और ट्रेड डेफिसिट (trade deficit) चौड़ा होने का बड़ा रिस्क है।
कॉर्पोरेट मार्जिन पर संकट
तेजी से बढ़ती तेल की कीमतें मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और केमिकल जैसे सेक्टर की कंपनियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। इन कंपनियों के इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी से आने वाली तिमाहियों में इनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ना तय है।
मार्केट का हाल और अहम लेवल
बीते सत्र में Nifty 50 23,431 पर बंद हुआ था, जो बीते तीन महीनों का निचला स्तर है। वहीं, विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं।
तकनीकी जानकारों के मुताबिक, Nifty को 23,550 से 23,600 के स्तर पर भारी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। यदि इंडेक्स 23,400 के सपोर्ट जोन को बचाने में नाकाम रहता है, तो यह 23,200 तक फिसल सकता है। अब निवेशकों की नजर US के महंगाई के आंकड़ों पर टिकी है, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
