Indian Stock Market: ग्लोबल मार्केट की सुनामी में भी डटे रहे भारतीय शेयर, FII की खरीदारी बनी ढाल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Stock Market: ग्लोबल मार्केट की सुनामी में भी डटे रहे भारतीय शेयर, FII की खरीदारी बनी ढाल

6 नवंबर 2026 को Nasdaq 100 में **6%** की भारी गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत दिखे। विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा **₹35,781 करोड़** के निवेश ने बाजार को संभाल लिया, हालांकि **$100** के पार जाते ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को ग्लोबल मार्केट में मची अफरातफरी के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गजब की मजबूती दिखाई। अमेरिकी मार्केट में Nasdaq 100 इंडेक्स 6% टूट गया, जिसकी मुख्य वजह आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) बबल को लेकर निवेशकों का डर और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद की अनिश्चितता थी। लेकिन, भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने इस वैश्विक गिरावट के असर को खुद पर हावी नहीं होने दिया।

ग्लोबल टेक रूट का असर

दुनिया भर के बाजारों में बिकवाली तब शुरू हुई जब डेटा सेंटर और AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कम होने की खबरें आईं। इसका सीधा असर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स पर पड़ा। हालांकि, भारत में बाजार का रुख स्थिर रहा और पिछले छह दिनों की तेजी के बाद केवल मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

विदेशी निवेशकों का मजबूत दांव

भारतीय बाजारों को सबसे बड़ा सहारा फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) से मिला। 6 नवंबर तक पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में FII ने भारतीय शेयरों में नेट ₹35,781 करोड़ का भारी निवेश किया। यही पूंजी भारतीय बाजार के लिए रक्षा कवच बनी रही, जिससे हम एशियाई और अमेरिकी बाजारों जैसी बड़ी गिरावट से बच गए।

चुनौतियां और सेक्टर का हाल

बाजार में मजबूती के बावजूद जोखिम कम नहीं हुए हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम $100 प्रति बैरल के पार निकल गए, जो भारत जैसे इंपोर्ट-डिपेंडेंट इकोनॉमी के लिए महंगाई का दबाव बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, इंडिया VIX में उछाल के साथ बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी है। सेक्टर की बात करें तो मेटल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर दबाव में रहे, लेकिन IT सेक्टर ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.