बाजार में आज फिर दबाव की आहट है। Nifty 50 अब **22,620** के स्तर पर है, जो मार्च के बाद का निचला स्तर है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें सेंटीमेंट बिगाड़ रही हैं, जिस पर निवेशकों की नजर है।
भारतीय शेयर बाजार आज गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सुस्त शुरुआत के लिए तैयार है। Nifty 50 और BSE Sensex लगातार दबाव में हैं। 30 सितंबर को Nifty 22,620 पर बंद हुआ, जो 30 मार्च 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
FII की चिंताजनक बिकवाली
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली है। साल की शुरुआत से अब तक विदेशी निवेशकों ने $27 बिलियन से ज्यादा की पूंजी निकाली है, जिससे लिक्विडिटी कम हो गई है और बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।
ग्लोबल फैक्टर्स का दबाव
ग्लोबल स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें $98 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जो भारत जैसे आयातकों के लिए चिंताजनक है। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.29% के ऊंचे स्तर पर है, जिससे निवेशक भारतीय बाजार के बजाय अमेरिकी सरकारी बॉन्ड्स को अधिक सुरक्षित मान रहे हैं।
कंपनियों का क्या है हाल?
- Blue Dart Express: बढ़ती परिचालन लागत से निपटने के लिए कंपनी ने अपने घरेलू पोर्टफोलियो पर 9% से 12% तक किराया बढ़ाने का फैसला किया है, जो 1 जनवरी से प्रभावी होगा।
- Aurobindo Pharma: कंपनी अपने ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए अमेरिका में डर्मेटाइटिस के इलाज के लिए नई दवा ADQUEY लॉन्च कर रही है, जिससे वह जेनेरिक दवाओं पर अपनी निर्भरता कम कर सकेगी।
टेक्निकल आउटलुक
Nifty 50 अभी 22,600 के सपोर्ट जोन का टेस्ट कर रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो इंडेक्स 22,400 की ओर फिसल सकता है। निवेशक अब घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी पर टकटकी लगाए हुए हैं।
