ग्लोबल मार्केट से मिल रहे सुस्त संकेतों के बीच भारतीय बाजारों में आज गिरावट के साथ शुरुआत होने की उम्मीद है। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का **4.81%** पर पहुंचना निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। अब सबकी नजरें निफ्टी के **24,000** के अहम सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
बुधवार, 2 सितंबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के आसार हैं। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार 24,027 के स्तर के आसपास सुस्त शुरुआत कर सकता है।
बाजार पर ग्लोबल दबाव क्यों?
बाजार में इस नरमी की सबसे बड़ी वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) में आई तेजी है, जिसकी कीमत अब $96.47 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सप्लाई चेन को लेकर डर पैदा कर दिया है। भारत, जो अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, के लिए यह स्थिति रुपये पर दबाव और महंगाई के मोर्चे पर चिंता बढ़ा सकती है।
इसके साथ ही, US 10-Year Treasury Yield का 4.81% तक पहुंच जाना निवेशकों को परेशान कर रहा है। जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की संभावना भी बाजार के लिए अनिश्चितता बनी हुई है।
क्या घरेलू निवेशक बचा पाएंगे बाजार?
ग्लोबल उठापटक के बीच भारतीय संस्थागत निवेशकों ने सहारा दिया है। 1 सितंबर, 2026 को FIIs ने ₹1,143.38 करोड़ और DIIs ने ₹1,846.94 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब यह देख रहे हैं कि क्या आज भी ये निवेशक बिकवाली को संभाल पाएंगे या नहीं।
तकनीकी मोर्चे पर, निफ्टी का 24,000 का लेवल एक मजबूत दीवार की तरह है। यदि इंडेक्स इसके नीचे फिसलती है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। निवेशक अब क्रूड ऑयल की चाल और डेली इनफ्लो डेटा पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
