Indian Markets: अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से डरे निवेशक, बाजार में दिखेगी सुस्त शुरुआत

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Markets: अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से डरे निवेशक, बाजार में दिखेगी सुस्त शुरुआत

27 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर होने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आने के बाद ग्लोबल सेंटीमेंट्स बिगड़े हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर दिख रहा है।

बाजार की चाल और संकेत

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के चलते 27 अगस्त, 2026 को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान के साथ खुल सकते हैं। GIFT Nifty फिलहाल 24,343 के करीब ट्रेड कर रहा है, जो बाजार में सुस्ती का स्पष्ट इशारा है।

क्यों दबाव में है बाजार?

इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका के हालिया इन्फ्लेशन आंकड़े हैं, जो अनुमान से काफी ज्यादा रहे हैं। इसके चलते अमेरिका में 10-year Treasury yield बढ़कर 4.65% पर पहुंच गई है। जब भी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, विदेशी निवेशक अक्सर इक्विटी जैसे रिस्की एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं, जिससे भारतीय बाजारों जैसे इमर्जिंग मार्केट्स पर दबाव बढ़ जाता है।

निफ्टी के लिए 'डू या डाई' लेवल

बीते सत्र (26 अगस्त) में निफ्टी 24,207 पर बंद हुआ था। चार्ट पर नजर डालें, तो इंडेक्स 24,150 के बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के पास मंडरा रहा है। अगर बाजार इस लेवल को होल्ड नहीं कर पाया, तो आने वाले दिनों में बिकवाली और बढ़ सकती है और मार्केट में वोलाटिलिटी (Volatility) देखने को मिल सकती है।

डीआईआई (DII) बने सहारा

एक तरफ जहां विदेशी निवेशक (FIIs) सतर्क हैं, वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) भारतीय बाजार में खरीदारी का मोर्चा संभाले हुए हैं। हाल ही में डीआईआई ने सिस्टम में ₹6,425 करोड़ का निवेश किया है, जो बाजार के लिए एक बड़े सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।

फिलहाल, क्रूड ऑयल की कीमतें भी कम हो रही हैं, जो भारत के लिए सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों की पूरी नजर इस बात पर है कि क्या बाजार 24,150 के स्तर को बचा पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.