भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की शुरुआत सुस्त रह सकती है। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार में **70 अंकों** से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल सकती है। पिछले दिन की तूफानी तेजी के बाद अब निवेशक सतर्क हैं और क्रूड ऑइल की बढ़ती कीमतें चिंता पैदा कर रही हैं।
भारतीय शेयर बाजार में आज, 14 अक्टूबर को सतर्कता का माहौल है। मंगलवार को सेंसेक्स में 1,100 अंकों से ज्यादा की शानदार तेजी के बाद, अब ट्रेडर्स मुनाफावसूली (Profit-booking) के मूड में दिख रहे हैं। GIFT Nifty के संकेत बाजार में ओपनिंग के दौरान 70 से 85 अंकों तक की गिरावट की ओर इशारा कर रहे हैं।
क्रूड ऑइल और जियो-पॉलिटिकल टेंशन
बाजार में इस सुस्ती की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल एनर्जी मार्केट है। WTI क्रूड ऑइल $95 प्रति बैरल के पास पहुंच गया है, वहीं ब्रेंट क्रूड $107 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता के कारण क्रूड ऑइल की कीमतों में यह उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। निवेशकों को डर है कि बढ़ती एनर्जी कॉस्ट का सीधा असर कंपनियों के मार्जिन पर पड़ेगा, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।
कमाई के नतीजों पर नजर
आज का दिन अर्निंग्स सीजन के लिहाज से बेहद अहम है। बाजार की नजर BHEL, Canara Bank, ICICI Lombard General Insurance और Tata Technologies के Q2 FY27 के नतीजों पर टिकी है। निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या ये कंपनियां कच्चे माल की महंगाई के बीच अपने मार्जिन को बरकरार रख पाती हैं या नहीं। आज की मैनेजमेंट कमेंट्री से यह भी साफ होगा कि आने वाले समय में डिमांड का ट्रेंड कैसा रह सकता है।
बाजार फिलहाल वोलेटिलिटी (Volatility) के दौर में है। अगर इंडेक्स अपने सपोर्ट लेवल को बचाने में नाकाम रहते हैं, तो और भी मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या अच्छे नतीजे बाजार को सहारा दे पाएंगे या फिर बाजार कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन मोड में चला जाएगा।
