भारतीय शेयर बाजार सोमवार को सुस्त शुरुआत के लिए तैयार हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव **$97** प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है और अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और चिंताएं
भारतीय बाजार के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चिंता ऊर्जा क्षेत्र से आ रही है। गल्फ देशों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड का दाम $96 से $97 प्रति बैरल की ओर बढ़ रहा है। भारत के लिए यह एक बड़ी मुश्किल है क्योंकि हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर हैं। तेल के दाम में यह तेजी देश में महंगाई बढ़ा सकती है और RBI के लिए ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश को सीमित कर सकती है। निवेशक इस हफ्ते पूरी तरह से ऑयल प्राइसेज पर नजर बनाए रखेंगे।
Fed की पॉलिसी का ग्लोबल असर
सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि अमेरिका के मजबूत एंप्लॉयमेंट डेटा ने भी ग्लोबल सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है। सितंबर मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना अब 57% से ऊपर निकल गई है। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों का मतलब है कि ग्लोबल निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे बाजार पर दबाव दिख रहा है।
Nifty के लिए अहम लेवल
ग्लोबल दबाव के बावजूद, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DII) की खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है। टेक्निकल चार्ट्स पर Nifty 50 के लिए 23,700 से 23,800 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस लेवल के नीचे फिसलता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 24,000 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि क्या घरेलू खरीदारी इन सपोर्ट लेवल्स को बचा पाती है या ग्लोबल संकेतों का दबाव भारी पड़ता है।
