भारतीय शेयर बाजार आज लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ खुलने के लिए तैयार है। वॉल स्ट्रीट में आई टेक्नोलॉजी शेयरों की भारी तेजी और ग्लोबल स्तर पर घटती ट्रेजरी यील्ड का फायदा घरेलू निवेशकों को मिल रहा है, जिससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर कम होता दिख रहा है।
बाजार का मूड और ग्लोबल संकेत
मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स एक बार फिर जोश में दिख रहे हैं। इसका मुख्य कारण वॉल स्ट्रीट से मिले संकेत हैं, जहां टेक-हैवी इंडेक्स Nasdaq ने 27,122.09 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई को छुआ है। ग्लोबल मार्केट में ट्रेजरी यील्ड्स में आई नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके अलावा, ब्रेंट क्रूड ऑयल का $100 प्रति बैरल के आसपास स्थिर होना भी बाजार के लिए सकारात्मक है।
FIIs बनाम DIIs: कौन निभा रहा है 'सपोर्ट' की भूमिका?
घरेलू बाजार में इस समय संस्थागत निवेशकों की लड़ाई काफी दिलचस्प बनी हुई है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सेशन में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹576 करोड़ के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹2,800 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को गिरने से रोक लिया। यही कारण है कि भारतीय बाजार ग्लोबल उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती बनाए हुए है।
आगे की राह
निवेशक अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या DIIs का यह सपोर्ट जारी रहेगा या नहीं। साथ ही, यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक चर्चाओं पर भी नजर है, क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल कमोडिटी और क्रूड सप्लाई पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में ट्रेजरी यील्ड और एनर्जी सप्लाई की खबरें ही बाजार की चाल तय करेंगी।
