भारतीय शेयर बाज़ार में आज सुस्ती के आसार, मिली-जुली संकेतों से सीमित दायरे में कारोबार की उम्मीद

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AuthorMehul Desai|Published at:
भारतीय शेयर बाज़ार में आज सुस्ती के आसार, मिली-जुली संकेतों से सीमित दायरे में कारोबार की उम्मीद

आज, 14 अगस्त को भारतीय शेयर बाज़ार में एक सपाट शुरुआत देखने की संभावना है। GIFT Nifty **24,440** के आसपास कारोबार कर रहा है। वैश्विक बाज़ारों में तेजी के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं।

बाज़ार की चाल पर एक नज़र

14 अगस्त को भारतीय इक्विटी बाज़ार में एक शांत शुरुआत की उम्मीद है, क्योंकि निवेशक वैश्विक तेज़ियों और घरेलू चिंताओं के मिले-जुले असर को देख रहे हैं। GIFT Nifty, जो बाज़ार की दिशा का शुरुआती संकेत देता है, 24,440 के स्तर के आसपास था, जो एक सपाट या मामूली गिरावट वाली शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह 13 अगस्त के मिले-जुले सत्र के बाद आया है, जहाँ BSE Sensex 78,079.96 पर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty 50 24,395.85 पर फिसल गया।

वैश्विक तेज़ियों के बीच घरेलू दबाव

वैश्विक बाज़ारों में, विशेष रूप से अमेरिकी बाज़ारों में, S&P 500 और Nasdaq ने बेहतर महंगाई आंकड़ों के बाद रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की है। इस तेज़ी ने एशियाई बाज़ारों में भी सेंटीमेंट को बढ़ावा दिया है। हालांकि, घरेलू बाज़ार इन सकारात्मक संकेतों को कुछ स्थानीय दबावों के साथ संतुलित कर रहा है। बढ़ी हुई कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितता व्यापारियों के बीच चिंता का माहौल बनाए हुए हैं।

FIIs की बिकवाली और DIIs का सहारा

निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के बीच धन प्रवाह में अंतर है। 13 अगस्त को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹510.69 करोड़ की इक्विटी बेचकर अपनी बिकवाली जारी रखी। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सक्रिय रूप से सहारा देते हुए ₹4,353.09 करोड़ के शेयर खरीदे। DIIs का यह लगातार समर्थन हाल के अस्थिर सत्रों के दौरान सूचकांकों को एक आधार प्रदान करने में महत्वपूर्ण रहा है।

आगे की राह

भविष्य में, बाज़ार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि संस्थागत प्रवाह कैसे विकसित होता है और वैश्विक घटनाएँ कमोडिटी की कीमतों, विशेष रूप से कच्चे तेल को कैसे प्रभावित करती हैं। निवेशक तिमाही नतीजों पर भी बारीकी से नज़र रखेंगे, क्योंकि व्यक्तिगत कंपनियों का प्रदर्शन स्टॉक-विशिष्ट उतार-चढ़ाव को बढ़ाता रहेगा। एक स्पष्ट, मजबूत दिशात्मक ट्रिगर की कमी का मतलब है कि बाज़ार को स्थिरता की तलाश में लगातार इंट्रा-डे उतार-चढ़ाव का अनुभव हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.