ग्लोबल उतार-चढ़ाव और अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरों के बीच आज भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के आसार हैं। Nifty अब **23,000** के अहम लेवल को बचाने की जद्दोजहद में है, जहां विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू संस्थानों का सपोर्ट आमने-सामने है।
भारतीय शेयर बाजारों के लिए आज का दिन एक बार फिर चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार 23,123 के आसपास सुस्त शुरुआत कर सकता है। गुरुवार के भारी गिरावट भरे सेशन के बाद, बाजार में ग्लोबल अनिश्चितता और घरेलू संस्थागत सपोर्ट के बीच जबरदस्त खींचतान मची है।
बाजार में बिकवाली का दबाव
हालिया गिरावट की मुख्य वजह बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में हुई प्रॉफिट बुकिंग रही है। Nifty के 23,072 के नीचे फिसलने से ट्रेडर्स में चिंता बढ़ गई है कि क्या 23,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर टिक पाएगा। बाजार के इस मिजाज ने निवेशकों को अपने रिस्क पोर्टफोलियो को फिर से जांचने पर मजबूर कर दिया है।
ग्लोबल चुनौतियां बनीं सिरदर्द
ग्लोबल स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल का $105 प्रति बैरल के पास बना रहना महंगाई की चिंताएं बढ़ा रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल ने ग्लोबल लिक्विडिटी को टाइट कर दिया है, जिससे इमर्जिंग मार्केट्स से विदेशी पूंजी का निकलना जारी है। फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के संभावित ब्याज दरों के फैसलों पर भी दुनिया भर के निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
FII बनाम DII: कौन किस पर भारी?
बाजार में एक बड़ा 'टग-ऑफ-वार' देखने को मिल रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कल ₹5,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब ₹4,300 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को थोड़ा संभालने की कोशिश की। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या DIIs इस बिकवाली को और आगे तक झेल पाएंगे। शॉर्ट टर्म में क्रूड ऑयल के भाव और बॉन्ड यील्ड ही बाजार की दिशा तय करेंगे।
