भारतीय शेयर बाजार आज बढ़त के साथ खुलने के लिए तैयार है। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार में **85 पॉइंट्स** का उछाल आ सकता है।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज एक सकारात्मक शुरुआत के लिए तैयार दिख रहे हैं। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार 23,073 के स्तर के करीब खुल सकता है। यह संभावित उछाल पिछले सेशन में आई उस मजबूती का परिणाम है, जहां Nifty50 और Sensex दोनों में 1.5% की बढ़त दर्ज की गई थी। इस तेजी को बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर में हुई खरीदारी का बड़ा सपोर्ट मिला था।
इंस्टिट्यूशनल फ्लो और घरेलू सपोर्ट
भारतीय बाजार में इस समय विदेशी और घरेलू निवेशकों के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹5,285 करोड़ की बिकवाली की है, जो उनके लगातार बाहर निकलने के ट्रेंड को दर्शाता है। हालांकि, बाजार के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,319 करोड़ की खरीदारी करके बाजार में स्थिरता बनाए रखी है। यही घरेलू लिक्विडिटी भारी बिकवाली के बावजूद बाजार को बड़ा गोता खाने से बचा रही है।
ग्लोबल मैक्रो और चिंताएं
ग्लोबल मार्केट इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका में निवेशक टेक और एआई (AI) शेयरों से पैसा निकालकर डिफेंसिव सेक्टर की ओर जा रहे हैं। भारतीय निवेशकों के लिए चिंता का विषय अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5.08% तक पहुंचना है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिसका असर इक्विटी वैल्यूएशन पर पड़ सकता है।
कमोडिटी और करेंसी का दबाव
कमोडिटी मार्केट पर भी नजरें टिकी हैं। ब्रेंट क्रूड $105.51 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है, जबकि सोना $4,155 प्रति औंस पर स्थिर है। तेल की कीमतों में यह तेजी भारत के इंपोर्ट बिल और महंगाई के लिए सिरदर्द बन सकती है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में आई कमजोरी उभरते बाजारों के लिए एक जटिल चुनौती पैदा कर रही है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व (U.S. Federal Reserve) के ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में अभी भी लार्ज-कैप की तुलना में कमजोरी बनी हुई है, जो यह संकेत देती है कि रिटेल निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
