Indian Markets: बाजार में सुस्त शुरुआत के आसार, क्रूड के दाम और FII की बिकवाली से बढ़ी चिंता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Markets: बाजार में सुस्त शुरुआत के आसार, क्रूड के दाम और FII की बिकवाली से बढ़ी चिंता

14 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद है। क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम और FII की लगातार 13 दिनों की बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है, हालांकि DII का सपोर्ट बाजार को संभलने में मदद कर रहा है।

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 14 अक्टूबर 2026 को कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत के संकेत दे रहे हैं। GIFT Nifty भी बाजार में सावधानी का रुख दिखा रहा है। ग्लोबल मार्केट की बात करें तो वॉल स्ट्रीट में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने माहौल को थोड़ा नाजुक बना दिया है। इसके अलावा, अमेरिका की बड़ी फाइनेंशियल कंपनियों के मिले-जुले नतीजों का असर भी सेंटीमेंट पर दिख रहा है।\n\n### क्रूड ऑयल का दबाव\nघरेलू बाजार के लिए एनर्जी कॉस्ट एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम $106 प्रति बैरल के ऊपर निकल गए हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें इन्फ्लेशन का दबाव बढ़ाती हैं और कंपनियों के मार्जिन पर असर डालती हैं।\n\n### FII बनाम DII की जंग\nबाजार में फिलहाल दो तरह के निवेशकों के बीच खींचतान चल रही है। Foreign Institutional Investors (FIIs) ने लगातार 13 दिनों से बिकवाली जारी रखी है और हाल ही में उन्होंने लगभग ₹1,300 करोड़ की निकासी की है। दूसरी ओर, Domestic Institutional Investors (DIIs) ने इस बिकवाली को मजबूती से संभाला है और ₹2,439 करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की है। इसी डोमेस्टिक सपोर्ट के कारण बाजार में बड़ी गिरावट रुकी हुई है।\n\nआने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या डोमेस्टिक सपोर्ट विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को पूरी तरह बेअसर कर पाएगा। बाजार की दिशा अब ग्लोबल फैक्टर्स और कंपनियों द्वारा बढ़ते इनपुट कॉस्ट को संभालने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.