31 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के आसार हैं। US और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्केट में आज भारी उठापटक देखने को मिल सकती है।
बाजार की सुस्त शुरुआत
भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन मुश्किल भरा रहने वाला है। GIFT Nifty के आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स में 100 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ ओपनिंग हो सकती है।
क्यों है मार्केट में डर?
बाजार में इस सावधानी की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में हड़कंप मचा दिया है। चूंकि यह क्षेत्र तेल सप्लाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है, जिससे कंपनियों के मुनाफे और ट्रेड बैलेंस पर दबाव बढ़ेगा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख
चिंताओं को और बढ़ाते हुए, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वॉर्श (Kevin Warsh) ने संकेत दिए हैं कि महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं या और बढ़ाई जा सकती हैं। जब अमेरिका में दरें बढ़ती हैं, तो विदेशी निवेशक इमर्जिंग मार्केट्स जैसे भारत से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी ट्रेजरी एसेट्स की ओर रुख करते हैं।
घरेलू मोर्चे पर स्थिति
28 अगस्त को निफ्टी 50 24,175.65 पर और बीएसई सेंसेक्स 77,264.51 पर बंद हुआ था। हालिया सत्रों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की खरीदारी ने बाजार को सहारा जरूर दिया था, लेकिन आज का दिन इस सपोर्ट के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होगा। निवेशक अब क्रूड ऑयल की कीमतों और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर नजर बनाए रखें, क्योंकि इसका सीधा असर एविएशन, लॉजिस्टिक्स, पेंट्स और केमिकल सेक्टर पर देखने को मिल सकता है।
