भारतीय शेयर बाजार में तेजी; RBI ने नहीं बदली ब्याज दरें, महंगाई का अनुमान घटाया

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
भारतीय शेयर बाजार में तेजी; RBI ने नहीं बदली ब्याज दरें, महंगाई का अनुमान घटाया

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए, जिसका मुख्य कारण डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) की खरीदारी रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट को **5.25%** पर बरकरार रखा और फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए महंगाई (Inflation) का अनुमान घटाकर **5%** कर दिया।

बाजार में दिखी सकारात्मकता

भारतीय शेयर बाजारों ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को ट्रेडिंग सेशन का अंत तेजी के साथ किया। BSE सेंसेक्स 152.05 अंकों यानी 0.19% की बढ़त के साथ 78,581.00 पर बंद हुआ, वहीं NSE निफ्टी 50, 9.75 अंकों या 0.04% की मामूली बढ़ोतरी के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के आखिरी समय में आई इस तेजी में F&O-एलिजिबल स्टॉक्स के लिए हाल ही में शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) मैकेनिज्म का भी योगदान रहा।

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी पर नजर

दिन की सबसे बड़ी खबर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की घोषणा रही। केंद्रीय बैंक ने अपनी प्रमुख रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है और पॉलिसी स्टान्स को न्यूट्रल बनाए रखा है। बाजार सहभागियों को राहत देते हुए, RBI ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए महंगाई (Inflation) के अपने अनुमान को पिछले 5.1% से घटाकर 5% कर दिया। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर आशावाद दिखाते हुए FY27 के लिए GDP ग्रोथ के अनुमान को 6.6% से मामूली बढ़ाकर 6.7% कर दिया।

इंस्टीट्यूशनल फ्लो और सेक्टर प्रदर्शन

बाजार की धारणा डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) की मजबूत भागीदारी से बढ़ी। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, DIIs ने ₹2,883.17 करोड़ की इक्विटी खरीदी। इस खरीदारी ने फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) के दबाव को कम करने में मदद की, जिन्होंने इसी सत्र में ₹943.42 करोड़ की इक्विटी बेची।

दिन भर के दौरान सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जिसमें निवेशकों की रुचि में स्पष्ट अंतर दिखा। रियल्टी और ऑटोमोबाइल स्टॉक्स ने बढ़िया प्रदर्शन किया और इनमें खरीदारी बढ़ी। इसके विपरीत, बैंकिंग, FMCG और फार्मा जैसे सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव देखा गया, जो कि व्यापक रैली के बजाय पोर्टफोलियो में हो रहे बदलावों को दर्शाता है।

निवेशक क्या देख रहे हैं?

बाजार घरेलू आर्थिक स्वास्थ्य को बाहरी जोखिमों के साथ संतुलित कर रहा है, जिसमें कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं शामिल हैं। महंगाई पर नजर रखते हुए न्यूट्रल स्टान्स बनाए रखने पर RBI का फोकस, आर्थिक प्रबंधन के प्रति एक सतर्क लेकिन स्थिर दृष्टिकोण का संकेत देता है।

अब निवेशकों का ध्यान आगामी कॉर्पोरेट डेवलपमेंट की ओर जा रहा है। Biocon, Cummins India, PB Fintech, Navin Fluorine International, JK Lakshmi Cement, Neuland Laboratories, और Aster DM Healthcare सहित कई कंपनियां जून तिमाही के अपने नतीजों की रिपोर्ट करने वाली हैं। इन नतीजों के साथ-साथ ग्लोबल संकेतों और CAS मैकेनिज्म पर किसी भी अतिरिक्त अपडेट पर नजर रखना, आने वाले सत्रों में बाजार सहभागियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.