26 अगस्त, 2026 को भारतीय बाजार में शानदार शुरुआत हुई। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में **2.6%** की गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के चलते Sensex और Nifty तेजी के साथ खुले, हालांकि IT सेक्टर में सुस्ती देखी गई।
बुधवार, 26 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट देखने को मिला। BSE Sensex 77,900 के स्तर के पास कारोबार करता दिखा, जबकि NSE Nifty50 24,370 के आंकड़े को पार करने की कोशिश में रहा। इस तेजी का मुख्य कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में कीमतों का ठंडा पड़ना रहा।
क्रूड ऑयल का असर
ब्रेंट क्रूड के दाम करीब 2.6% गिरकर $86.2 प्रति बैरल पर आ गए हैं। इसका बड़ा कारण ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षित व्यापार मार्ग को लेकर हुई कूटनीतिक बातचीत है। भारत के लिए सस्ता क्रूड ऑयल महंगाई को नियंत्रित रखने और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होता है।
ग्लोबल संकेत और सेक्टर का हाल
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के 4.64% के स्तर पर नरम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इस वजह से India VIX में 3% से ज्यादा की गिरावट आई। बाजार में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज की धाक रही, जहां ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank और Bajaj Finserv में अच्छी खरीदारी देखी गई। वहीं, दिग्गज कंपनी Infosys में बिकवाली के दबाव ने बाजार की तेजी को कुछ हद तक सीमित कर दिया।
निवेश के लिए सतर्कता
हालांकि बाजार में रौनक है, लेकिन जानकारों का मानना है कि लार्ज-कैप स्टॉक्स अभी भी रेजिस्टेंस लेवल का सामना कर रहे हैं। साथ ही, मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में वैल्यूएशन अधिक होने के कारण निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
