भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स **183** अंकों की कमजोरी के साथ **77,473** पर बंद हुआ। बाजार में मुनाफावसूली और सेक्टर-विशिष्ट कमजोरी के कारण गिरावट आई, जबकि ब्लॉक डील्स के बढ़ते दौर से लिक्विडिटी पर दबाव दिख रहा है।
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती छाई रही। बैंकिंग और मेटल सेक्टर में कुछ खरीदारी दिखी, लेकिन प्रॉफिट-बुकिंग के सामने यह टिक नहीं पाई। सेंसेक्स 183 अंक गिरकर 77,473 पर और निफ्टी 127 अंक फिसलकर 24,208 पर बंद हुआ। आईटी, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में आई कमजोरी ने बाजार का सेंटिमेंट बिगाड़ा है।\n\n### संस्थागत निवेशकों का सहारा\nगिरावट के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया है। DIIs ने ₹6,425 करोड़ की नेट खरीदारी की। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भी लगातार तीसरे दिन नेट बायर्स बने रहे। यह साफ है कि बड़े स्तर पर मुनाफावसूली हो रही है, लेकिन बाजार में लिक्विडिटी की कमी नहीं है।\n\n### ब्लॉक डील का असर\nआज का मार्केट मूवमेंट बड़े ब्लॉक डील्स से प्रभावित रहा। फिनटेक प्लेटफॉर्म 'Groww' की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures में ₹2,500 करोड़ की ब्लॉक डील चर्चा में रही। रिटेल निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि ऐसी डील्स से शेयर की कीमतों पर शॉर्ट-टर्म दबाव आ सकता है, भले ही कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हों।\n\n### बड़ी कंपनियों की रणनीति\nमार्केट उतार-चढ़ाव के बीच कंपनियों का फोकस विस्तार पर है। CG Power अपने सेमीकंडक्टर पैकेजिंग बिजनेस से $500 मिलियन सालाना रेवेन्यू का लक्ष्य लेकर चल रही है। वहीं, JSW MG Motor India ने अपनी 'Hector Tomahawk' सीरीज लॉन्च की है, जो इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड सेगमेंट में कंपनी की पकड़ को मजबूत करेगी।\n\n### आगे की राह और रिस्क\nबाजार की नजर अब आईटी सेक्टर से जुड़ी अमेरिकी वीजा नीतियों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर है, जिसका सीधा असर ग्लोबल क्रूड ऑयल कीमतों पर पड़ सकता है। आने वाले समय में बाजार की चाल इस पर निर्भर करेगी कि क्या संस्थागत खरीदारी ब्लॉक डील्स के सप्लाई दबाव को झेल पाएगी या नहीं।
