भारतीय शेयर बाज़ार में जोरदार वापसी: Sensex **628** अंक चढ़ा, Nifty ने 7 दिन की गिरावट रोकी

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AuthorNeha Patil|Published at:
भारतीय शेयर बाज़ार में जोरदार वापसी: Sensex **628** अंक चढ़ा, Nifty ने 7 दिन की गिरावट रोकी

गुरुवार को भारतीय शेयर बाज़ारों में शानदार रिकवरी देखने को मिली। BSE Sensex **628.04** अंक चढ़कर **77,537.72** पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 भी **153.55** अंक बढ़कर **24,231.85** पर पहुंच गया। इस उछाल ने पिछले 7 दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाज़ार को सहारा मिला।

बाज़ार में लौटी रौनक: Sensex और Nifty में तेज़ी

भारतीय इक्विटी बाज़ारों ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को एक बड़ी वापसी की। पिछले सात दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए, BSE Sensex 628.04 अंक यानी 0.82% की उछाल के साथ 77,537.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 भी 153.55 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 24,231.85 पर समाप्त हुआ। इस रिकवरी ने निवेशकों की मायूसी को कुछ हद तक कम किया है।

तेज़ी के मुख्य कारण और सेक्टर्स

इस तेज़ी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका में बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) में आई नरमी रही। जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो भारत जैसे उभरते बाज़ारों में निवेश की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इस बदलाव ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया और उन्होंने बाज़ार में फिर से पैसा लगाना शुरू किया।

इसके अलावा, IT, प्राइवेट बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में ज़बरदस्त खरीदारी हुई, जो हाल के दिनों में दबाव में थे। घरेलू बाज़ारों को शॉर्ट-कवरिंग (Short-covering) से भी फायदा हुआ, जहाँ ट्रेडर्स ने हाल की गिरावट के बाद अपनी पोजीशन क्लोज कीं।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

बाज़ार में यह उछाल भले ही राहत दे, लेकिन हाल की अस्थिरता को ध्यान में रखना ज़रूरी है। 2026 की शुरुआत में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने लगातार बिकवाली की थी, जिसने बाज़ार को कमज़ोर किया था। हालिया सत्रों में उनकी खरीदारी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसकी निरंतरता ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता पर निर्भर करेगी।

निवेशक कुछ बाहरी कारकों पर भी कड़ी नज़र रखे हुए हैं जो भविष्य की गति को प्रभावित कर सकते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है, क्योंकि ऊंची कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं और कंपनियों के मुनाफे पर असर डाल सकती हैं।

आने वाले हफ्तों में बाज़ार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्लोबल संकेत कितने सकारात्मक रहते हैं और क्या FIIs अपनी खरीदारी की यह रफ़्तार बनाए रखते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.