Indian Markets: कच्चा तेल **$101** के पार, आज बाजार की सुस्त शुरुआत के आसार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Markets: कच्चा तेल **$101** के पार, आज बाजार की सुस्त शुरुआत के आसार

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के चलते आज भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आ रहे हैं। GIFT Nifty ने कमजोरी का संकेत दिया है, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली से सेंटीमेंट बिगड़ गए हैं।

भारतीय इक्विटी मार्केट गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को एक सुस्त शुरुआत की ओर बढ़ रहा है। ग्लोबल दबाव और घरेलू पॉलिसी में सख्ती के कारण निवेशक सतर्क हैं। GIFT Nifty फिलहाल लगभग 77 अंक की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, जो Nifty 50 के लिए एक कमजोर ओपनिंग का संकेत है।

ग्लोबल एनर्जी और बॉन्ड मार्केट का दबाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार की स्थिति नाजुक है। Brent Crude की कीमतें $101 से $102 प्रति बैरल के बीच बनी हुई हैं। भारत जैसी इकॉनमी के लिए, जो आयात पर निर्भर है, तेल की ऊंची कीमतें सीधे करंट अकाउंट डेफिसिट पर असर डालती हैं। इसके अलावा, US Treasury Yields में बढ़ोतरी से उभरते बाजारों (Emerging Markets) से लिक्विडिटी कम होने का खतरा बढ़ गया है।

RBI की पॉलिसी और लिक्विडिटी पर मार

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का असर अब साफ दिखने लगा है। इस फैसले से बैंकिंग, NBFC, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे इंटरेस्ट-रेट सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ा है, क्योंकि इससे कंपनियों की बॉरोइंग कॉस्ट बढ़ गई है।

FIIs बनाम DIIs की जंग

बाजार में अस्थिरता का एक बड़ा कारण विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली है। 7 अक्टूबर को FIIs ने ₹6,121 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹4,597 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की है, लेकिन विदेशी आउटफ्लो का दबाव अभी भी बड़े शेयरों (Large-caps) पर हावी है।

आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कंपनियों के मार्जिन पर होगी, क्योंकि बढ़ती इनपुट कॉस्ट और महंगी फंडिंग के कारण कॉर्पोरेट प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.