बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी के साथ शुरुआत होने के संकेत हैं। जहां विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली जारी है, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का मजबूत सपोर्ट और गिरती क्रूड ऑयल की कीमतें बाजार को सहारा दे रही हैं।
बाजार की चाल और रिकवरी की उम्मीद
भारतीय शेयर बाजार बुधवार, 23 सितंबर 2026 को एक पॉजिटिव नोट पर खुलने के लिए तैयार दिख रहा है। GIFT Nifty के संकेत 23,344.50 के स्तर की ओर इशारा कर रहे हैं। यह संभावित उछाल मंगलवार के उस उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद आ रहा है, जिसमें बेंचमार्क इंडेक्स ने अपनी चार दिनों की जीत की लय खो दी थी।
FIIs बनाम DIIs: किसका पलड़ा भारी?
बाजार में इस वक्त विदेशी और घरेलू पैसों के बीच खींचतान चल रही है। 22 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹3,810 करोड़ के शेयर बेचे। इसके बावजूद, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने एक मजबूत ढाल की तरह काम करते हुए ₹4,120 करोड़ की खरीदारी की है। घरेलू निवेशकों का यह सपोर्ट आईटी, पीएसयू बैंक और ऑयल-गैस जैसे सेक्टरों में बिकवाली के दबाव को कम करने में काफी मददगार साबित हुआ है।
ग्लोबल संकेत और राहत की खबर
अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिल रहे संकेत घरेलू बाजार के लिए राहत लेकर आए हैं। कच्चा तेल (Brent Crude) गिरकर $98 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे भारत जैसी आयात-निर्भर इकोनॉमी को फायदा मिलना तय है। इसके अलावा, एशियाई बाजारों में ग्लोबल चिपमेकर्स के शानदार प्रदर्शन से निवेशकों का मनोबल बढ़ा है।
अमेरिकी बाजार से चुनौतियां
बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती अमेरिकी फिक्स्ड इनकम मार्केट से आ रही है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड फिलहाल 4.96% पर बनी हुई है, जो उभरते बाजारों से पूंजी खींच सकती है। वहीं, डॉलर इंडेक्स 100.58 पर है। आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों का रुख इन यील्ड और करेंसी में होने वाले बदलावों पर काफी हद तक निर्भर करेगा।
