हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए सुस्त रही है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच आज से NSE के नए प्री-ओपन मार्केट नियम भी लागू हो गए हैं, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने आज सुबह काफी सतर्कता के साथ कारोबार की शुरुआत की। Nifty 50 और BSE Sensex दोनों में शुरुआती गिरावट देखी गई, क्योंकि ग्लोबल अनिश्चितताओं का साया निवेशकों पर गहरा है। बाजार के मूड पर सबसे ज्यादा असर एनर्जी सेक्टर का है, जहां ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें उछलकर लगभग $97.10 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण है, जिससे सप्लाई चेन और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
NSE के नए प्री-ओपन नियम
आज, 7 सितंबर 2026 से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने प्री-ओपन मार्केट सेशन के लिए नए नियम लागू किए हैं। नई गाइडलाइन्स के तहत, अब 9:05 AM के बाद मार्केट ऑर्डर प्लेस करने की अनुमति नहीं होगी। एक्सचेंज का उद्देश्य सुबह के सेशन में प्राइस डिस्कवरी को बेहतर बनाना और वोलेटिलिटी (Volatility) को कंट्रोल करना है।
FII की बिकवाली और मार्केट का दबाव
बाजार का सेंटीमेंट FII (Foreign Institutional Investors) द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली से भी दबाव में है। पिछले सेशन में FII ने ₹3,112 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार का ट्रैक बिगड़ रहा है। टेक्निकल फ्रंट पर, Nifty 50 अभी भी 24,000 के लेवल पर तगड़ी रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है, जिसके चलते ऊपर के स्तरों पर मुनाफावसूली देखी जा रही है। वहीं, USD/INR का भाव 94.40 के आसपास स्थिर बना हुआ है, लेकिन ग्लोबल एनर्जी कॉस्ट में किसी भी बड़ी हलचल का असर करेंसी और महंगाई पर तुरंत दिख सकता है।
