सोमवार, 7 सितंबर 2026 को भारतीय बाजार सतर्क रुख के साथ खुल सकते हैं। US-Iran के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल **$97** प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे निवेशकों में चिंता बनी हुई है।
भारतीय शेयर बाजार आज यानी 7 सितंबर 2026 को सपाट से लेकर सतर्क शुरुआत के संकेत दे रहे हैं। निफ्टी 50, जो शुक्रवार को 23,897.70 के स्तर पर बंद हुआ था और चार दिनों की गिरावट के बाद संभला था, पर अब भू-राजनीतिक (Geopolitical) दबाव फिर से बढ़ रहा है।
कच्चे तेल में उबाल और चिंता
आज मार्केट के लिए सबसे बड़ा रिस्क एनर्जी प्राइसेज में उछाल है। US और Iran के बीच बिगड़ते हालातों के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड का भाव $97 प्रति बैरल के पास पहुंच गया है। भारत के लिए यह महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) के लिहाज से अच्छी खबर नहीं है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और फेड का रुख
ग्लोबल स्तर पर निवेशकों की नजर US के जॉब डेटा पर भी है, जहां अगस्त में 1,62,000 नई नौकरियां जुड़ी हैं। इस डेटा ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से सुस्ती देखी जा सकती है, जो भारतीय बाजारों के लिए बड़ी रैली में बाधक बन सकती है।
राहत की बात: विदेशी मुद्रा भंडार
बाहरी दबावों के बीच, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $740.8 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर है। यह बफर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को रुपए में होने वाली किसी भी बड़ी गिरावट को रोकने में मदद करेगा।
डोमेस्टिक लिक्विडिटी का गणित
बाजार में IPOs और सेकेंडरी सेल का दबाव भी है, जो मौजूदा लिस्टेड शेयरों में निवेश को सीमित कर सकता है। फिलहाल, क्रूड की कीमतें और रुपए की चाल मार्केट की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण साबित होंगे।
