आज भारतीय बाजारों की शुरुआत सुस्त रहने के आसार हैं। ग्लोबल मार्केट में AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण भारी बिकवाली हुई है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों को थोड़ी राहत मिली है।
सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के लिए शुरुआत संभली हुई रहने की उम्मीद है। शुक्रवार को Nifty 23,146.15 के स्तर पर बंद हुआ था और अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इंडेक्स वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अपना सपोर्ट लेवल बचा पाएगा।
टेक सेक्टर का दबाव
ग्लोबल सेंटीमेंट पर सबसे ज्यादा असर टेक्नोलॉजी सेक्टर का है। दुनिया भर के निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स पर होने वाले भारी खर्च को लेकर आशंकित हैं। बाजार को डर है कि क्या यह भारी निवेश जल्द मुनाफा दे पाएगा या नहीं। इस ट्रेंड का असर भारतीय IT शेयरों के वैल्युएशन पर भी पड़ सकता है।
क्रूड ऑयल से राहत
ऊर्जा क्षेत्र से थोड़ी राहत की खबर है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरकर $108.27 प्रति बैरल और WTI क्रूड $100.83 के स्तर पर आ गया है। भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए क्रूड की कीमतों में नरमी ट्रांसपोर्ट, पेंट्स और केमिकल कंपनियों के लिए सकारात्मक है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एनर्जी कॉस्ट का जोखिम अभी भी बना हुआ है।
FII और DII की बदली रणनीति
शुक्रवार को संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की रणनीति में बड़ा बदलाव दिखा। FIIs ने लगातार 15 दिन की बिकवाली के बाद खरीदारी का रुख अपनाते हुए ₹1,166 करोड़ के शेयर खरीदे। इसके उलट, DIIs ने 45 दिन की खरीदारी का सिलसिला तोड़ते हुए ₹3,661 करोड़ की बिकवाली की। यह बदलाव बताता है कि फंड मैनेजर्स आगामी कॉर्पोरेट नतीजों से पहले अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस कर रहे हैं।
