ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों और ब्रेंट क्रूड ऑयल के **$115** प्रति बैरल के करीब पहुंचने से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें Nifty Smallcap 100 में **2.94%** की बड़ी टूट देखने को मिली है।
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर जारी रहा और बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुए। मार्केट में सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों पर पड़ी है, जहां निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।
क्रूड ऑयल का असर
मार्केट की सुस्ती की सबसे बड़ी वजह $115 प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका कच्चा तेल है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, ऐसे में क्रूड के दाम बढ़ने से देश में महंगाई (imported inflation) का खतरा बढ़ जाता है। इससे न केवल कंपनियों का मार्जिन घटता है, बल्कि ऑपरेटिंग कॉस्ट भी बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ता है।
सेक्टर का हाल
बाजार में आज चौतरफा बिकवाली हुई, जिसमें सबसे ज्यादा चोट रियल्टी, मेटल और सरकारी बैंक (PSU Banks) को लगी है। रियल्टी इंडेक्स में 5% तक की गिरावट देखी गई। इसमें Godrej Properties जैसी कंपनियों से जुड़ी खबरों का भी असर देखने को मिला, जिसने पूरे हाउसिंग सेक्टर के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।
डॉलर और ग्लोबल तनाव
करेंसी मार्केट में भी दबाव साफ दिख रहा है, जहां भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। डॉलर इंडेक्स 101.70 के करीब बना हुआ है, जिससे उभरते बाजारों से पैसा निकलकर डॉलर की ओर जा रहा है। वहीं, बाजार का डर मापने वाला इंडेक्स, India VIX भी उछलकर 16.80 पर पहुंच गया है, जो ट्रेडर्स की घबराहट को दर्शाता है।
अब सबकी नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की अगली पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हैं। ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत ही तय करेंगे कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल क्या होगी। फिलहाल, निवेशकों को क्रूड ऑयल की चाल और बढ़ती महंगाई पर पैनी नजर रखने की सलाह है।
