24 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत की आशंका है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के **5.11%** तक पहुंचने से वैश्विक स्तर पर कर्ज लेना महंगा हो गया है, जिसका दबाव बैंकिंग और रियल एस्टेट जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिख रहा है।
भारतीय शेयर बाजार आज 24 सितंबर को कमजोर शुरुआत की तैयारी कर रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) 23,278 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो कि कल निफ्टी की क्लोजिंग 23,400 के मुकाबले एक गैप-डाउन ओपनिंग का स्पष्ट संकेत दे रहा है।
क्यों घबराए हैं निवेशक?
इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में आया 15 बेसिस पॉइंट का अचानक उछाल है, जो अब 5.11% पर पहुंच गया है। वैश्विक फाइनेंशियल मार्केट में अमेरिकी बॉन्ड को सबसे सुरक्षित माना जाता है। जब वहां रिटर्न बढ़ता है, तो ग्लोबल निवेशक इमर्जिंग मार्केट जैसे भारत से पैसा निकालकर वहां शिफ्ट करने लगते हैं।
बैंकिंग और रियल एस्टेट पर मार
बढ़ती बॉन्ड यील्ड का सीधा असर भारत के बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ता है। ऊंची ब्याज दरों के कारण कंपनियों और होम बायर्स के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिससे मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
राहत की उम्मीद
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का रुख अभी भी सकारात्मक है। कल DIIs ने ₹2,341 करोड़ और विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹1,600 करोड़ की खरीदारी की थी। बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या आज भी घरेलू सपोर्ट, विदेशी बिकवाली के दबाव को झेल पाएगा।
मैक्रो लेवल पर, ब्रेंट क्रूड $102.13 प्रति बैरल पर है, जबकि सोना $4,290 प्रति औंस पर दबाव में है। निवेशकों को सलाह है कि वे आज अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखें।
