ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों और बढ़ती एनर्जी कॉस्ट के कारण आज भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के साथ शुरुआत हो सकती है। निवेशकों की नजर खास तौर पर फार्मा सेक्टर पर है, क्योंकि अमेरिका ने भारतीय दवाओं पर **100%** टैरिफ लगा दिया है।
ग्लोबल मार्केट की सुस्ती और एशिया के बाजारों में गिरावट का असर आज भारतीय इक्विटी मार्केट पर साफ दिख रहा है। जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर $106.90 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो बाजार के सेंटीमेंट को और कमजोर बना रही हैं।
फार्मा सेक्टर पर अमेरिका की मार
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय अमेरिका का नया फैसला है। अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने 29 सितंबर से लागू होने वाले एक आदेश में भारत से आयातित चुनिंदा पेटेंट दवाओं और रॉ मैटेरियल पर 100% का टैरिफ लगा दिया है। इससे उन फार्मा कंपनियों के मार्जिन पर बड़ा असर पड़ सकता है जो मुख्य रूप से अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं।
बड़े कॉर्पोरेट हलचल
बाजार में सुस्ती के बावजूद कई कंपनियों में हलचल है:
- Adani Group: ग्रुप ने सेबी (SEBI) के साथ प्रोसीडिंग्स सेटल कर ली हैं। इसमें ₹1.48 करोड़ का सेटलमेंट अमाउंट शामिल है।
- Ola Electric: कंपनी ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए ₹1,000 करोड़ का राइट्स इश्यू लाने का ऐलान किया है।
- Tata Sons: टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा है, जो ग्रुप की संरचना बदल सकता है।
टेलीकॉम और कंज्यूमर अपडेट
TRAI के डेटा के मुताबिक, अगस्त में रिलायंस जियो ने 24 लाख नए वायरलेस यूजर्स जोड़े, जबकि भारती एयरटेल ने 21.1 लाख और वोडाफोन आइडिया ने 5.06 लाख नए ग्राहक अपने साथ जोड़े। वहीं, कंज्यूमर स्पेस में ITC ने Sproutlife में अपनी हिस्सेदारी पूरी तरह खरीद ली है और Radico Khaitan ने अपने प्रीमियम ब्रांड्स को यूके के 4 बड़े एयरपोर्ट्स पर लॉन्च किया है।
