भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता बेहद अहम है। 7 अक्टूबर को RBI की मॉनेटरी पॉलिसी का फैसला आना है, जबकि 8 अक्टूबर को IT दिग्गज Tata Consultancy Services (TCS) अपने तिमाही नतीजे जारी करेगी।
RBI की पॉलिसी और ब्याज दरों का गणित
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक होने जा रही है। बाजार की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रेपो रेट में बढ़ोतरी होगी। महंगाई के दबाव और रुपये की कमजोरी को देखते हुए अर्थशास्त्रियों का मानना है कि RBI 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे रेपो रेट 5.50% पर पहुंच सकता है। अगर दरों में बढ़ोतरी होती है, तो यह कंपनियों के लिए कर्ज लेना और महंगा बना देगा, जिससे लिक्विडिटी पर असर पड़ना तय है।
TCS और IT सेक्टर की चुनौती
IT सेक्टर के लिए यह हफ्ता 'परीक्षा' जैसा है। TCS 8 अक्टूबर को अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे पेश करेगी। सितंबर में TCS के शेयर में 14.5% की बड़ी गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण क्लाइंट्स द्वारा खर्च में कटौती और AI के दौर में बदलते प्राइसिंग मॉडल हैं। अब निवेशकों को मैनेजमेंट की कमेंट्री का बेसब्री से इंतजार है, जिससे पता चलेगा कि सेक्टर में रिकवरी के संकेत हैं या चुनौतियां और बढ़ेंगी।
IPO और प्राइमरी मार्केट की हलचल
बाजार की चमक-धमक केवल नतीजों तक सीमित नहीं है। 5 अक्टूबर को Orient Cables (India) की शेयर बाजार में लिस्टिंग होने जा रही है। हालांकि, एक साथ कई IPO आने से बाजार में लिक्विडिटी का दबाव बढ़ सकता है और नई लिस्टिंग में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
क्या रखें ध्यान?
आने वाले दिनों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मुद्रा पर दबाव बाजार के लिए सिरदर्द बने रहेंगे। निवेशकों को RBI के अंतिम फैसले के साथ-साथ TCS के ऑर्डर बुक और क्लाइंट बजट पर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर बारीकी से नजर रखने की सलाह है।
