ग्लोबल टेंशन के चलते ब्रेंट क्रूड **$100** प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, जिसका असर घरेलू बाजार पर दिखेगा। आज मार्केट सपाट खुलने के आसार हैं, जहां FPI की बिकवाली और महंगाई की चिंताएं निवेशकों को सतर्क रख रही हैं।
ब्रेंट क्रूड के $100 के स्तर को पार करने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है। इससे न केवल आयात बिल बढ़ेगा, बल्कि रुपये पर दबाव के साथ महंगाई भी बढ़ सकती है। ऐसे में सीमेंट, पेंट्स और एविएशन जैसे सेक्टरों पर मार्जिन का दबाव दिखना तय है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनियां इन बढ़ती लागतों को ग्राहकों पर कितना डाल पाती हैं।
FPI बिकवाली बनाम IPO का जोश
जहां सेकेंडरी मार्केट से विदेशी निवेशक (FPI) लगातार पैसा निकाल रहे हैं, वहीं प्राइमरी मार्केट की कहानी अलग है। सितंबर के मध्य तक FPI ने लगभग ₹14,474 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है। दूसरी ओर, IPO मार्केट में निवेशकों का उत्साह बरकरार है और साल-दर-तारीख अब तक ₹47,000 करोड़ से अधिक का निवेश आ चुका है। यह अंतर दिखाता है कि मौजूदा बाजार में सावधानी है, लेकिन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को लेकर भरोसा अभी भी कायम है।
ग्लोबल ट्रिगर्स पर नजर
बाजार की दिशा अब पूरी तरह ग्लोबल इवेंट्स पर निर्भर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (FOMC) की बैठक से पहले निवेशक 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं। अगर फेड ने ब्याज दरों पर अपना रुख सख्त (Hawkish) रखा, तो डॉलर और मजबूत होगा, जिससे उभरते बाजारों (Emerging Markets) के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा जापान और यूके के केंद्रीय बैंकों के फैसले भी मार्केट सेंटिमेंट को दिशा देंगे।
