आज भारतीय बाजारों में पॉजिटिव शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty **23,515** के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो अमेरिकी बाजारों में टेक रैली के कारण आई मजबूती को दर्शाता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थान बाजार को सहारा दे रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट का असर
अमेरिकी बाजारों में नैस्डैक (Nasdaq) की शानदार तेजी का असर अब एशियाई बाजारों पर भी दिख रहा है। आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर कंपनियों की भारी मांग के चलते वैश्विक स्तर पर धारणा सकारात्मक है। कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स भी 2% से ज्यादा उछला है, जिसका सीधा असर भारतीय आईटी शेयरों पर देखने को मिल सकता है।
घरेलू बनाम विदेशी निवेशक
बाजार की चाल में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की भूमिका अहम बनी हुई है। पिछले सत्र के आंकड़ों के अनुसार, DIIs ने बाजार में ₹2,800 करोड़ की खरीदारी की, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹576 करोड़ के शेयर बेचे। यह अंतर साफ बताता है कि घरेलू तरलता (Liquidity) बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम कर रही है।
मैक्रो फैक्टर्स पर नजर
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल $100.57 प्रति बैरल पर स्थिर है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों पर निवेशकों की नजरें हैं, क्योंकि इसका सीधा असर एनर्जी कॉस्ट पर पड़ सकता है। वहीं, डॉलर इंडेक्स 100.3 के सात-सप्ताह के उच्च स्तर के करीब बना हुआ है, जो उभरते बाजारों में करेंसी फ्लो को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों के लिए आज टेक्नोलॉजी और एनर्जी से जुड़े सेक्टरों पर नजर रखना फायदेमंद होगा।
