9 सितंबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Nifty 50 गिरकर **23,431.50** के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और क्रूड ऑयल के भाव **$100** प्रति बैरल के पार जाने से निवेशकों में घबराहट फैल गई है।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। Nifty 50 इंडेक्स 23,431.50 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex में 813.35 अंकों की भारी गिरावट आई और यह 74,764.23 पर जाकर थमा।
कच्चे तेल का दबाव
मार्केट में गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल के दाम हैं, जो $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गए हैं। मध्य पूर्व में तनाव के चलते सप्लाई चेन बिगड़ने का डर है। भारत के लिए यह चिंताजनक है क्योंकि इससे महंगाई और करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) का खतरा बढ़ जाता है।
IT सेक्टर और Coforge का हाल
टेक्नोलॉजी सेक्टर में बिकवाली हावी रही और Nifty IT इंडेक्स 3% से ज्यादा गिर गया। इसके अलावा, Coforge के शेयरों में 7-9% की भारी गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह कंपनी के चेयरमैन O P Bhatt का इस्तीफा और कंपनी के बोर्ड इवैल्यूएशन प्रोसेस को लेकर उठे आंतरिक ऑडिट के सवाल हैं।
बाजार में अलग-अलग चाल
गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों में तेजी दिखी। Adani Ports ने ओडिशा में नया प्रोजेक्ट हासिल किया, जिससे इसके शेयर में 4% की बढ़त रही। वहीं, ग्लोबल मार्केट में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतों में सुधार की खबरों के चलते Graphite India के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। फिलहाल बाजार की नजरें ग्लोबल जियोपॉलिटिकल हालातों और भारतीय रुपये की स्थिरता पर टिकी हुई हैं।
