Indian Markets: क्लोजिंग ऑक्शन की गड़बड़ी से गिरावट, अब RBI पॉलिसी और नतीजों पर नजर

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Markets: क्लोजिंग ऑक्शन की गड़बड़ी से गिरावट, अब RBI पॉलिसी और नतीजों पर नजर

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 50 और सेंसेक्स में कमजोरी सोमवार के क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी को ठीक करने के कारण आई। निवेशकों का ध्यान अब आने वाली कंपनियों के नतीजों और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की पॉलिसी पर है।

क्लोजिंग ऑक्शन की गड़बड़ी का असर

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत थोड़ी नरम रही। निफ्टी 50 और सेंसेक्स, सोमवार के उछाल के बाद आज गिरावट के साथ खुले। यह गिरावट पिछले कारोबारी सत्र के दौरान हुई अचानक और असामान्य तेजी के बाद आई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह तेजी नए शुरू हुए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन मैकेनिज्म (Closing Auction Session mechanism) में आई एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई थी। इस सिस्टम का मकसद फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में फाइनल प्राइस को तय करने के तरीके को बेहतर बनाना था, लेकिन इससे कीमतों में अचानक उछाल आया जिसे अब ट्रेडर्स ठीक कर रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि सोमवार को निफ्टी 50 में आया 390 अंकों का उछाल, कंपनी के फंडामेंटल या मैक्रो फैक्टर्स में बड़े बदलावों को नहीं दिखाता था। चूंकि यह तेजी काफी हद तक तकनीकी ऑक्शन प्रोसेस से प्रभावित थी, इसलिए वर्तमान सुधार को कई लोग वास्तविक मूल्य स्तर पर वापसी के तौर पर देख रहे हैं। निवेशकों को बाजार के समग्र स्वास्थ्य का मूल्यांकन करते समय इस छोटी अवधि की गड़बड़ी को नजरअंदाज करने की सलाह दी जाती है।

संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और सेंटिमेंट

इंडेक्स में मामूली गिरावट के बावजूद, संस्थागत खरीदारों (Institutional Buyers) की खरीदारी का पैटर्न दिलचस्प बना हुआ है। सोमवार के आंकड़ों से पता चला कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने ₹922 करोड़ का निवेश किया, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹1,571 करोड़ के शेयर खरीदे। पिछले कई कारोबारी दिनों से यह लगातार निवेश बाजार को स्थिर रखने में मदद कर रहा है और शॉर्ट-कवरिंग (Short-covering) को भी बढ़ावा दे रहा है। संस्थागत समर्थन को अक्सर लार्ज-कैप भारतीय कंपनियों के मीडियम-टर्म आउटलुक में विश्वास का संकेत माना जाता है।

निवेशकों के लिए आगे के ट्रिगर्स

अब बाजार का ध्यान दो प्रमुख घटनाओं पर टिका है। बुधवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपनी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (Monetary Policy Committee) का फैसला सुनाएगा, जो ब्याज दरों की दिशा और कर्ज की लागत पर इसके प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, अर्निंग सीजन (Earnings Season) भी जोर पकड़ रहा है, जिसमें कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही वित्तीय नतीजे पेश करने वाली हैं। नतीजों का इंतजार करने वाली प्रमुख कंपनियों में भारती एयरटेल (Bharti Airtel), ONGC, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन (Power Grid Corporation), ट्रेंट (Trent), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) और टाइटन कंपनी (Titan Company) शामिल हैं। शेयरधारकों के लिए, प्रबंधन की ओर से कंज्यूमर डिमांड, ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन और अपने-अपने सेक्टर में भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों पर चर्चा सबसे महत्वपूर्ण होगी। तकनीकी रूप से, निफ्टी 50 24,400 और 24,500 के बीच सपोर्ट ढूंढ रहा है, जबकि 24,800 के स्तर के पास रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.